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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और सिंचाई प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो फसल विविधीकरण और योजना निर्माण में सहायता करते हैं।
- 2. उत्तर प्रदेश में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा माध्यम 'नहरें' (Canals) हैं, जिसके माध्यम से राज्य के कुल सिंचित भूभाग का लगभग 70% से अधिक हिस्सा सिंचित किया जाता है, जबकि नलकूप (Tubewells) दूसरे स्थान पर आते हैं।
- 3. राज्य में गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली कछारी (Alluvial) मृदा अत्यंत उपजाऊ होती है, जिसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा कम पाई जाती है, लेकिन पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश को कृषि एवं जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर आधिकारिक रूप से 9 विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। कथन 2 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश में कुल सिंचित क्षेत्र में सबसे बड़ा स्थान 'नलकूपों' (Tubewells) का है, जो लगभग 74% से अधिक सिंचाई करते हैं, जबकि नहरों का स्थान इसके बाद दूसरा (लगभग 15-18%) आता है। कथन 3 सही है क्योंकि गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र की कछारी (जलोढ़) मृदा बहुत उपजाऊ होती है, जिसमें सामान्यतः नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी होती है, परंतु पोटाश, चूना और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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