त्वरित लिंक्स
UPTET
6 views
हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' और उसके प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'व्यंजन संधि' के नियमानुसार यदि 'त्' या 'द्' के बाद कोई 'च' या 'छ' वर्ण आता है, तो 'त्/द्' का परिवर्तन 'च्' में हो जाता है, जैसे 'उत् + चारण' का संधि-विच्छेद 'उच्चारण' बनता है।
- 2. 'विसर्ग संधि' के अंतर्गत यदि विसर्ग (ः) से पहले 'अ' या 'आ' को छोड़कर कोई अन्य स्वर हो और उसके बाद कोई भी स्वर, किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवा वर्ण, या 'य, र, ल, व, ह' हो, तो विसर्ग का परिवर्तन 'र' (र्) में हो जाता है, जैसे 'दुः + आचरण' से 'दुराचरण' बनता है।
- 3. 'स्वर संधि' के 'अयादि संधि' नियम के अनुसार यदि 'ए', 'ऐ', 'ओ', 'औ' के बाद कोई भी असमान स्वर आता है, तो 'ए' का 'अय्', 'ऐ' का 'आय्', 'ओ' का 'अव़्' और 'औ' का 'आव्' हो जाता है, जैसे 'पौ + अन' की संधि करने पर 'पवन' शब्द प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि व्यंजन संधि के नियम के अनुसार 'त्' या 'द्' के बाद 'च' या 'छ' आने पर 'त्/द्' का 'च्' हो जाता है (जैसे- उत् + चारण = उच्चारण)। कथन 2 सही है क्योंकि विसर्ग संधि के नियम के अनुसार विसर्ग से पहले 'अ/आ' को छोड़कर अन्य स्वर होने पर और बाद में कोई स्वर या सघोष व्यंजन होने पर विसर्ग का 'र्' हो जाता है (जैसे- दुः + आचरण = दुराचरण)। कथन 3 गलत है क्योंकि 'पौ + अन' का सही अयादि संधि रूप 'पावन' होता है, जबकि 'पवन' शब्द 'पो + अन' की संधि से बनता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. रामगंगा नदी - इसका उद्गम पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) के दूधातोली श्रेणी से होता है और यह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में राज्य में प्रवेश करती है।
2. बेतवा नदी - इसका उद्गम मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुमारगाँव (विंध्य पर्वतमाला) से होता है और यह हमीरपुर जिले के पास यमुना नदी में मिल जाती है।
3. केन नदी - इसका उद्गम कैमूर पहाड़ियों (मध्य प्रदेश) से होता है और यह बांदा जिले के निकट चिल्ला नामक स्थान पर यमुना नदी में मिलती है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और उर्वरता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की भू-आकृति, वर्षा और तापमान की भिन्नता को दर्शाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल और बलुई मृदा पाई जाती है, जो नाइट्रोजन और ह्यूमस से भरपूर होती है और जिस कारण यहाँ धान की खेती सर्वाधिक क्षेत्रफल पर की जाती है।
3. राज्य के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भागों (जैसे देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर आदि) में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'खादर' कहा जाता है, जो बाढ़ के कारण हर वर्ष नई होती है और गन्ने व धान के उत्पादन के लिए अत्यधिक उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं प्रशासनिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य की सीमाएं कुल 8 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) को स्पर्श करती हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा केवल एक देश यानी नेपाल से लगती है।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला जिला लखीमपुर खीरी है, जबकि सबसे कम क्षेत्रफल वाला जिला संत रविदास नगर (भदोही) है।
3. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की सीमा तीन राज्यों (हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) को स्पर्श करती है, और यह जिला देश के प्रमुख 'कागज उद्योग' (Paper Industry) के लिए भी प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक सवैन (Sabine) तथा एल.एस. होलिंगवर्थ (L.S. Hollingworth) द्वारा प्रतिपादित 'पठार निर्माण के प्रमुख कारणों' (जैसे—थकान, अभिप्रेरणा की कमी, रुचि का अभाव, जटिल विषय-वस्तु, और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा इनसे उबरने के उपायों (जैसे—शिक्षार्थी की रुचि जागृत करना, नवीन विधियों का प्रयोग करना, और विश्राम देना) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय संविधान और राजव्यवस्था' के संदर्भ में, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित 'राज्य के नीति निदेशक तत्वों' (Directive Principles of State Policy - DPSP) के संबंध में, आयरलैंड के संविधान से इनकी प्रेरणा, इन्हें 'न्याययोग्य' (Justiciable) न होने के बावजूद देश के शासन में 'मौलिक' (Fundamental) घोषित किए जाने, तथा इसके अंतर्गत आने वाले समाजवादी, गांधीवादी और उदारवादी-बौद्धिक सिद्धांतों (जैसे अनुच्छेद 40 - ग्राम पंचायतों का संगठन, अनुच्छेद 44 - समान नागरिक संहिता, और अनुच्छेद 48A - पर्यावरण का संरक्षण और संवर्द्धन) के वैधानिक, ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.