BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
16 views

राज्यों का पुनर्गठन किस आधार पर किया गया था?

Detailed Explanation

1956 में भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन हुआ।
Share:

Related Questions

भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-G के तहत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ तैयार करने तथा उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके लिए ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषयों की एक सूची दी गई है, जिन्हें पंचायतों को हस्तांतरित करना राज्यों के लिए पूर्णतः अनिवार्य है। 2. अनुच्छेद 243-B के अनुसार प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाएगा, किंतु जिस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से अधिक नहीं है, वह मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का गठन न करने का विकल्प चुन सकता है। 3. अनुच्छेद 243-I के उपबंधों के अनुसार राज्यपाल प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए एक 'राज्य वित्त आयोग' का गठन करेगा, और इस आयोग की संस्तुतियों को राज्य सरकार के लिए विधानमंडल के पटल पर रखना संवैधानिक रूप से अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान किया गया है- नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए), नगर परिषद (लघु शहरी क्षेत्र के लिए) और नगर निगम (बृहतर शहरी क्षेत्र के लिए), बशर्ते राज्यपाल द्वारा किसी क्षेत्र को औद्योगिक नगरी घोषित किए जाने की स्थिति में वहाँ नगरपालिका का गठन करना अनिवार्य हो। 2. नगरपालिकाओं के सभी स्थानों के लिए निर्वाचन क्षेत्रवार चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है, तथा वार्ड समितियों (Ward Committees) के गठन का प्रावधान उन नगरपालिकाओं के लिए अनिवार्य है जिनकी जनसंख्या तीन लाख या उससे अधिक है। 3. संविधान की बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की विधายिका शक्तियों से संबंधित 18 मामलों का उल्लेख किया गया है, और राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा नगरपालिकाओं को ऐसे कर, शुल्क, टोल और फीस आदि को आरोपित करने, संगृहीत करने और विनियमित करने के लिए अधिकृत कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान सभा के गठन, उसकी कार्यप्रणाली और समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कांग्रेस ने 208 सीटें और मुस्लिम लीग ने 73 सीटें जीती थीं, तथा रियासतों (Princely States) को संविधान सभा में कुल 93 सीटें आवंटित की गई थीं, जिन्होंने बाद में सभा की बैठकों में शुरुआत से ही भाग लेना स्वीकार कर लिया था। 2. संविधान सभा की संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे जिसमें कुल सदस्यों की संख्या अध्यक्ष सहित सात थी। 3. संविधान सभा द्वारा कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का निर्माण किया गया, जिसके दौरान इसके कुल 11 सत्र आयोजित किए गए तथा अंतिम रूप से संविधान पर 26 नवंबर 1949 को हस्ताक्षर किए गए, जिस दिन प्रस्तावना में उल्लिखित कुछ प्रावधानों के साथ संपूर्ण संविधान को तत्काल प्रवर्तित मान लिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के आधार के रूप में 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर उसके स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को जोड़ा गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल तभी की जा सकती है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) द्वारा लिखित रूप में इसका निर्णय राष्ट्रपति को संसूचित किया जाए। 2. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, किंतु 44वें संविधान संशोधन द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया कि अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को आपातकाल के दौरान भी किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। 3. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भाग XVIII में अनुच्छेद 352A को जोड़कर देश के किसी विशिष्ट भाग तक राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन को सीमित करने की क्षेत्रीय आपातकाल की शक्ति राष्ट्रपति को प्रदान की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्य वित्तीय व प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और इस परिषद् का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना, ऐसे विषयों पर सलाह देना जिन पर राज्यों के सामान्य हित हों, तथा बेहतर नीतिगत समन्वय के लिए संस्तुतियां करना है, किंतु इसके द्वारा दिए गए निर्णय और परामर्श न्यायालय के डिक्री के समान बाध्यकारी होते हैं। 2. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission, 1983-88) ने अपनी संस्तुति में यह सिफारिश की थी कि अंतर-राज्यीय परिषद् को एक स्थायी निकाय (Permanent Body) के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए, जिसे राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 263 के तहत औपचारिक रूप से वर्ष 1990 में गठित किया गया था। 3. अंतर-राज्यीय परिषद् की संरचना के अंतर्गत प्रधानमंत्री इस परिषद् के अध्यक्ष होते हैं, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभाएँ हैं उनके मुख्यमंत्री तथा बिना विधानसभा वाले संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासक इसके सदस्य होते हैं, इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कुछ कैबिनेट मंत्री भी इसके सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.