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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'नाइट्रोजन चक्र' के अंतर्गत वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) कुछ स्वतंत्रजीवी जीवाणुओं (जैसे एजोटोबैक्टर) और सहजीवी जीवाणुओं (जैसे राइजोबियम) द्वारा किया जाता है, जो इसे नाइट्रेट्स में बदल देते हैं, जबकि 'अमोनीकरण' (Ammonification) की प्रक्रिया में मृत कार्बनिक पदार्थों और उत्सर्जी पदार्थों से अमोनिया का निर्माण होता है।
- 2. 'फॉस्फोरस चक्र' एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका वायुमंडलीय भंडार (Atmospheric Reservoir) बहुत बड़ा होता है, क्योंकि फॉस्फोरस मुख्य रूप से गैसीय अवस्था में वाष्पीकृत होकर बादलों का निर्माण करता है और वर्षा के माध्यम से पुनः महासागरों में लौटता है।
- 3. 'कार्बन चक्र' में हरित पौधे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं और श्वसन, दहन तथा अपघटन जैसी जैविक और अजैविक क्रियाओं के माध्यम से कार्बन पुनः वायुमंडल में वापस लौट जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि नाइट्रोजन चक्र में एजोटोबैक्टर और राइजोबियम जैसे जीवाणु नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं तथा अमोनीकरण द्वारा मृत कार्बनिक अवशेषों से अमोनिया बनती है। कथन 2 गलत है क्योंकि फॉस्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है और इसका कोई महत्वपूर्ण वायुमंडलीय भंडार नहीं होता है (यह मुख्य रूप से चट्टानों और मिट्टी में पाया जाता है)। कथन 3 सही है क्योंकि कार्बन चक्र में पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा CO2 ग्रहण करते हैं और श्वसन, दहन व अपघटन द्वारा यह पुनः वायुमंडल में लौटती है। अतः केवल 1 और 3 सही हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के आकलन एवं सतत-व्यापक मूल्यांकन (CCE)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम की शर्तें' (Conditions of Learning: मौखिक सूचना, बौद्धिक कौशल, संज्ञानात्मक रणनीतियाँ, मोटर कौशल, और दृष्टिकोण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच पदानुक्रमित कौशल अधिग्रहण, मोटर और संज्ञानात्मक समेकन (Consolidation), और फीडबैक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन हैटी (John Hattie) के 'दृश्यमान शिक्षण' (Visible Learning) और प्रभावी फीडबैक के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैदानिक परीक्षण (Diagnostic Testing), स्व-मूल्यांकन (Self-assessment) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास निरंतर न होकर अवस्थाओं (Stages) के क्रम में होता है, जिनमें प्रत्येक अवस्था गुणात्मक रूप से भिन्न होती है और सभी बालकों में इन अवस्थाओं का क्रम सार्वभौमिक तथा अपरिवर्तनीय होता है।
2. 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) में बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक समस्याओं को हल करने की क्षमता अर्जित कर लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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