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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत, पारिस्थितिकी अनुक्रमण (Ecological Succession) की प्रक्रिया में 'चरम समुदाय' (Climax Community) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. यह किसी पारिस्थितिक तंत्र में अनुक्रमण का अंतिम और सर्वाधिक स्थिर चरण होता है, जो पर्यावरण के साथ पूर्ण संतुलन में रहता है।
- 2. चरम समुदाय में प्रजातियों की विविधता कम होती है और बायोमास (Biomass) अस्थिर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पारिस्थितिकी अनुक्रमण (Ecological Succession) में 'चरम समुदाय' (Climax Community) किसी क्षेत्र का अंतिम, सबसे अधिक स्थिर और परिपक्व समुदाय होता है जो उस क्षेत्र की जलवायु के साथ पूर्ण संतुलन स्थापित कर लेता है। इस समुदाय में प्रजातियों की विविधता (Species Diversity) उच्च होती है और बायोमास अत्यधिक स्थिर होता है। अतः कथन 1 सही है और कथन 2 गलत है।
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाच्य' (Voice) और उसके भेदों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कृतवाच्य (Active Voice) में क्रिया का संबंध सीधे 'कर्ता' से होता है और इसमें क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के अनुसार ही तय होते हैं, तथा इसमें सकर्मक और अकर्मक दोनों प्रकार की क्रियाओं का प्रयोग किया जाता है।
2. कर्मवाच्य (Passive Voice) में क्रिया का संबंध सीधे 'कर्म' से होता है, और इस वाच्य का प्रयोग केवल 'सकर्मक क्रियाओं' के साथ ही संभव है, जहाँ मुख्य कर्ता के साथ 'से' या 'के द्वारा' कारक चिह्नों का प्रयोग किया जाता है और क्रिया के लिंग व वचन कर्म के अनुसार बदलते हैं।
3. भाववाच्य (Impersonal Voice) का प्रयोग मुख्य रूप से असमर्थता, व्यवस्था या निषेध दर्शाने के लिए किया जाता है, जिसमें क्रिया हमेशा 'पुल्लिंग, एक्रवचन और अन्य पुरुष' में होती है और इसमें प्रायः 'सकर्मक क्रियाओं' का ही प्रयोग बहुतायत से होता है, अकर्मक क्रियाओं का नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समाजीकरण की प्रक्रिया' (Process of Socialization) के संदर्भ में, अमेरिकी समाजशास्त्री चार्ल्स कूले (Charles Cooley) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म का दर्पण सिद्धांत' (Looking-Glass Self Theory) के अनुसार, व्यक्ति के सामाजिक विकास और उसके 'स्व' (Self) के निर्माण में निम्नलिखित में से कौन सी तीन मुख्य मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाएँ या चरण सम्मिलित होते हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चार चरण' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक, और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'पैरीएटल लोब' (Parietal Lobe) के बीच माइलिनोएजेसन (Myelination), सिनैप्टिक प्रूनिंग (Synaptic Pruning), और स्थानिक-तार्किक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कोग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संक्रियात्मक चिंतन, अमूर्त तर्क क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, अपरदन (Soil Erosion) और कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों (विशेषकर झाँसी, ललितपुर, हमीरपुर और बांदा) में पाई जाने वाली 'मार' (Maar) और 'परवा' (Parwa) मृदा क्रमशः गहरी काली व चिकनी तथा हल्की दोमट प्रकार की होती हैं, जो चना, मटर और तिलहन की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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