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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चार चरण' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक, और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'पैरीएटल लोब' (Parietal Lobe) के बीच माइलिनोएजेसन (Myelination), सिनैप्टिक प्रूनिंग (Synaptic Pruning), और स्थानिक-तार्किक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कोग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संक्रियात्मक चिंतन, अमूर्त तर्क क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत बच्चों के मानसिक विकास को जैविक परिपक्वता और पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया के परिणामस्वरूप देखता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जैसे-जैसे बच्चा संवेदी-गामक से औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था की ओर बढ़ता है, मस्तिष्क में 'माइलिनोएजेसन', 'सिनैप्टिक प्रूनिंग', और विभिन्न मस्तिष्क क्षेत्रों (जैसे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और पैरीएटल लोब) के बीच कार्यकारी नियंत्रण विकसित होता है। 'न्यूरो-कोग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' शिक्षकों को यह समझने में मदद करती है कि बच्चों की जैविक और संज्ञानात्मक तैयारी के अनुसार शिक्षण रणनीतियों (जैसे मूर्त से अमूर्त की ओर) को कैसे डिजाइन किया जाए ताकि उनका समग्र बौद्धिक और संवेगात्मक विकास हो सके। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन और उसकी भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का संपूर्ण मैदानी भाग मुख्य रूप से गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ (Alluvial) मिट्टी से निर्मित है, जिसे नवीन जलोढ़ को 'खादर' तथा प्राचीन जलोढ़ को 'बांगर' कहा जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र की सामान्य ढाल उत्तर से दक्षिण की ओर है, जिसके कारण इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा और केन दक्षिण से निकलकर सीधे नर्मदा नदी में जाकर मिलती हैं।
3. उत्तर प्रदेश का तराई क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण, दलदली और नम पट्टी है, जहाँ भारी वर्षा और घने वनों के कारण प्राकृतिक वनस्पति और जैव विविधता प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) में उल्लिखित बुद्धินों में से कौन सी बुद्धि एक व्यक्ति को अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, इच्छाओं और कमजोरियों को गहराई से समझने तथा उनके आधार पर अपने व्यवहार को विनियमित करने की क्षमता प्रदान करती है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा जैव-विविधता संरक्षण के संदर्भ में 'इन-सिटु' (स्व-स्थाने) और 'एक्स-सिटु' (बाह्य-स्थाने) संरक्षण रणनीतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'इन-सिटु' (In-situ) संरक्षण के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों (Natural Habitats) में ही किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuaries), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) और पवित्र उपवन (Sacred Groves) हैं।
2. 'एक्स-सिटु' (Ex-situ) संरक्षण के अंतर्गत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर किसी कृत्रिम या मानव-निर्मित विशेष वातावरण में संरक्षित किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण चिड़ियाघर (Zoos), वनस्पति उद्यान (Botanical Gardens), बीज बैंक (Seed Banks) और क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation) हैं।
3. भारत सरकार द्वारा स्थापित 'कॉर्बेट नेशनल पार्क' और 'काजीरंगा नेशनल पार्क' एक्स-सिटु संरक्षण के सबसे बेहतरीन और प्रमुख उदाहरण माने जाते हैं, क्योंकि यहाँ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक पर्यावरण से निकालकर सुरक्षित बाड़ों में रखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और सुदृढीकरण के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'शारीरिक आवश्यकताओं' से लेकर 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) तक के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) और 'वेंट्रेल टेंटमेंटल एरिया' (Ventral Tegmental Area - VTA) की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) और डोपामिनर्जिक पुरस्कार मार्गों (Dopaminergic Reward Pathways) की सक्रियण गतिकी, तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढीकरण और दंड के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक शिक्षण वातावरण और विद्यार्थियों में दीर्घावधि अधिगम अभिप्रेरणा के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति संरचना और सूचना प्रसंस्करण सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फर्ग्यूल क्रैइक (Fergus Craik) और रॉबर्ट लॉकहार्ट (Robert Lockhart) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोसेसिंग स्तर सिद्धांत' (Levels of Processing Theory: सतही बनाम गहन स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इन्फीरियर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Inferior Prefrontal Cortex), 'मेडियल टेम्पोरल लोब' (Medial Temporal Lobe) और 'हिप्पोकैम्पस' के बीच सिमेंटिक एनकोडिंग, अर्थ-आधारित गहरी सक्रियण गतिकी, तथा एलन बैडले (Alan Baddeley) और ग्राहम हिच (Graham Hitch) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यशील स्मृति मॉडल' (Working Memory Model: सेंट्रल एक्जीक्यूटिव, फोनोलॉजिकल लूप, विजुअल-स्पेशियल स्केचपैड और एपिसोडिक बफर) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अर्थ-उन्मुख रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Semantic-Oriented Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में दीर्घकालिक स्मृति समेकन, वैचारिक समझ व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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