नैतिक एवं चारित्रिक विकास
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) के दृष्टिकोण से नैतिकता को समझता है, जहाँ कानून को सामाजिक कल्याण के लिए बदला जा सकने वाला एक लचीला समझौता माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) का स्तर लगभग 13 वर्ष से वयस्कता तक होता है। इस स्तर की पहली अवस्था (जो कि कोहलबर्ग के समग्र सिद्धांत की पाँचवीं अवस्था है) 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights Orientation) कहलाती है। इस अवस्था में व्यक्ति यह समझता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए बनाए गए हैं, और यदि कोई कानून समाज के बहुसंख्यक हितों या बुनियादी मानवाधिकारों की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बदला जा सकता है। विकल्प (c) सही है।
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शिक्षा मनोविज्ञान और बाल विकास के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence…
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन केवल इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार का सामाजिक विघटन न हो, तो कोहलबर्ग के किस स्तर और चरण का यह सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
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कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की किस अवस्था या चरण में बालक यह मानता है कि नियमों का पालन इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे, सामाजिक अनुबंध और अंतरात्मा की आवाज से ऊपर उठकर 'कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) प्रमुख हो जाता है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलवर्ग के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की अंतिम अवस्था में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों और सार्वभौमिक न्याय के ऐसे अंतःकरण पर आधारित होता है, जो समाज के स्थापित कानूनों से भी ऊपर हो सकते हैं (जैसे- महात्मा गांधी या मार्टिन लूथर किंग जूनियर का दृष्टिकोण)।
2. इस सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने तर्क दिया कि कोहलवर्ग का यह मॉडल मुख्य रूप से पुरुषों के नैतिक विकास पर आधारित है और यह महिलाओं में पाए जाने वाले 'देखभाल और संबंधों की नैतिकता' (Morality of Care) की उपेक्षा करता है।
3. कोहलवर्ग के अनुसार, नैतिक विकास की सभी अवस्थाएँ सार्वभौमिक और परिवर्तनशील होती हैं, जिन्हें संस्कृति और पर्यावरण के प्रभाव से आसानी से बदला या उलट-पलट (Reversed) जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाली अंतिम अवस्था यानी 'विवेक की सार्वभौमिक नीतिपरक अवस्था' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे मुख्य और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़गट स्तर' (Post-Conventional Level) की 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा की अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) अवस्था की सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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