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Indian Polity
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अंतर्राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की स्थापना का अधिकार किसे है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति अंतर्राज्यीय परिषद गठित कर सकते हैं।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की अधिकारिता, रिट क्षेत्राधिकार (Writ Jurisdiction) और अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत किसी उच्च न्यायालय का रिट क्षेत्राधिकार (Writ Jurisdiction) सर्वोच्च न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट क्षेत्राधिकार की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालय मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य प्रयोजन (Any other purpose) के लिए भी रिट जारी कर सकता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात ही की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए व्यक्ति कम से कम सात वर्ष का अधिवक्ता या प्लीडर होना चाहिए और वह केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में पहले से सेवारत नहीं होना चाहिए। 3. अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्यों के अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) पर नियंत्रण का अधिकार, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों की पोस्टिंग, पदोस्थापना और उनसे संबंधित अन्य प्रशासनिक नियंत्रण शामिल है, पूरी तरह से संबंधित राज्य के राज्यपाल में निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई परामर्शदात्री या निर्णायक भूमिका नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? अनुच्छेद 17 क्या है? लोकसभा में 'अनुसूचित जातियों' (SC) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या किस अनुच्छेद के तहत तय की गई है? भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्य वित्तीय व प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोकहित में अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और यह परिषद् राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करने तथा उन पर सलाह देने के साथ-साथ ऐसे विषयों पर भी विचार कर सकती है जिनमें संघ और राज्यों अथवा दो या अधिक राज्यों के साझा हित निहित हों। 2. अंतर-राज्यीय परिषद् एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है जिसका गठन संविधान के प्रारंभ के साथ ही वर्ष 1950 में कर दिया गया था, और प्रधानमंत्री इस परिषद् के पदेन अध्यक्ष होते हैं। 3. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission, 1983-88) ने केंद्र-राज्य संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए यह संस्तुति की थी कि अनुच्छेद 263 के तहत एक स्थायी 'अंतर-राज्यीय परिषद्' का गठन किया जाना चाहिए, जिसे बाद में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा वर्ष 1990 में स्थापित किया गया। 4. अंतर-राज्यीय परिषद् की बैठकों के संचालन के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वर्ष में कम से कम चार बार इसकी बैठकें आयोजित की जानी चाहिए, और इसके द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय बहुमत के आधार पर बाध्यकारी (Binding) होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39(b) और 39(c) में निहित समाजवादी सिद्धांतों के क्रियान्वयन के लिए बनाई गई विधियों को केवल इस आधार पर अमान्य नहीं किया जा सकता है कि वे अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बशर्ते उन्हें अनुच्छेद 31C का संरक्षण प्राप्त हो। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने 'मिनर्वा मिल्स वाद' (1980) के निर्णय में यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया था कि संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) को बनाए रखने के लिए भाग-III (मूल अधिकार) और भाग-IV (नीति निर्देशक तत्व) के बीच संतुलन का होना अनिवार्य है, और इनमें से किसी एक को दूसरे पर पूर्ण प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। 3. यद्यपि नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मौलिक हैं और देश की विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य है, तथापि संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार इन्हें किसी भी न्यायालय द्वारा बलपूर्वक प्रवर्तित (Enforceable) कराया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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