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UPTET
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भूगोल शिक्षण में 'मानचित्र अध्ययन' और 'मानचित्र कला' (Cartography) के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्षेप विधि (Map Projection) ग्लोब के अक्षांश और देशांतर वृत्तों को समकोण पर काटने के गुण को बनाए रखती है, जिसके कारण यह समुद्री नेविगेशन (Navigation) और विमानन के लिए सबसे अधिक उपयुक्त मानी जाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मर्केटर प्रक्षेप (Mercator Projection) एक बेलनाकार मानचित्र प्रक्षेप है जिसे 1569 में गेरार्डस मर्केटर ने प्रतिपादित किया था। इस प्रक्षेप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अक्षांश और देशांतर रेखाओं को एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटते हुए प्रदर्शित करता है, जिससे दिशा और आकृति (Rhumb line) सही बनी रहती है। यही कारण है कि नौकायन, समुद्री नेविगेशन और विमानन (Aviation) के लिए यह प्रक्षेप अत्यधिक महत्वपूर्ण और उपयोगी माना जाता है। सामाजिक अध्ययन के भूगोल शिक्षण में मानचित्र पठन के उच्च स्तर के प्रश्नों के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है।
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में प्रवाहित होने वाली नदियों तथा उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध 'राप्ती' नदी का उद्गम नेपाल हिमालय के रुकुमकोट (Dhaulagiri range) से होता है, जो गोरखपुर जिले से बहते हुए बरहज के निकट घाघरा नदी में मिल जाती है।
2. 'शारदा' नदी (जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में काली या महाकाली कहा जाता है) का उद्गम मिलाम ग्लेशियर (कुमाऊं हिमालय) से होता है, और यह उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी के पास प्रवेश करती है।
3. 'गोमती' नदी का उद्गम पीलीभीत जिले की फुलहर झील (Madho Tanda) से होता है, जो एक मैदानी उद्गम वाली नदी है और गाजीपुर के निकट गंगा नदी में मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और फसल प्रारूप (Crop Pattern) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु की दृष्टि से कुल 9 (नौ) विशिष्ट जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान, भू-आकृति और मृदा भिन्नताओं पर आधारित हैं।
2. राज्य के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से बलुई-दोमट और जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की सघन खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त है, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में मिलने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं जो नमी को लंबे समय तक बनाए रखती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'भूर' (Bhoor) मृदा अत्यधिक उपजाऊ और महीन कणों वाली चिकनी मिट्टी होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता के कारण धान की खेती बिना किसी रासायनिक उर्वरक के बंपर मात्रा में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: संरक्षण, वर्गीकरण और तार्किक विचार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe - स्थानिक और संख्यात्मक प्रसंस्करण), 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - कार्यशील स्मृति और मानसिक लचीलापन), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - तार्किक श्रेणियों का एकीकरण और संदर्भ स्मरण) के बीच सिनेप्टिक प्रूनिंग, माइलिनेशन के विस्तार, और तंत्रिका नेटवर्क एकीकरण (Neural Network Integration) की सक्रियण गतिकी, तथा ब्रूनर के 'प्रतीकात्मक और क्रियात्मक प्रतिनिधित्व' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉन्क्रीट ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Concrete Operational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त अनुभवों से तार्किक निष्कर्ष निकालने की क्षमता, संरक्षण कौशल व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं प्राचीन सभ्यताएं' के संदर्भ में, हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) के उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख पुरातात्विक स्थलों—जैसे आलमगीरपुर (मेरठ), हुलास (सहारनपुर), मांडी (मुजफ्फरनगर), और सनौली (बागपत)—के भौगोलिक वितरण, इनसे प्राप्त साक्ष्यों (जैसे कपास के अवशेष, धान की खेती के प्रमाण, रथ के साक्ष्य, और समाधि स्थल), तथा स्वतंत्रता के पश्चात भारत में खोजे गए इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के वैज्ञानिक एवं तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्राइमरी मोटर और सेंसरी कॉर्टेक्स' (Primary Motor and Sensory Cortices - विशिष्ट कौशल प्रसंस्करण), 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - संज्ञानात्मक सामान्यीकरण और नियम अनुप्रयोग), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - पूर्व अनुभवों की पुनरावृत्ति और संदर्भ मिलान) के बीच साझा तंत्रिका पथों के सक्रियण (Shared Neural Pathways Activation), सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी, और क्रॉस-कॉर्टिकल नेटवर्क रीऑर्गेनाइजेशन की गतिकी, तथा चार्ल्स जूड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण के सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सीखी गई दक्षताओं के नए संदर्भों में अनुप्रयोग, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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