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UPTET
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक एवं राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में, राज्य में 'क्षेत्र पंचायत' के प्रमुख (ब्लॉक प्रमुख) के निर्वाचन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार, 'क्षेत्र पंचायत' के प्रमुख (जिन्हें सामान्यतः ब्लॉक प्रमुख कहा जाता है) का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा नहीं किया जाता है। क्षेत्र पंचायत के निर्वाचित सदस्य (जिन्हें क्षेत्र पंचायत सदस्य या BDC सदस्य कहा जाता है) अपने ही बीच से गुप्त मतदान के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से 'ब्लॉक प्रमुख' का चयन करते हैं। अतः विकल्प (b) सही है।
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कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस चरण में व्यक्ति का यह मानना होता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते या अनुबंध का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसे बदला जा सकता है।
2. इस स्तर पर नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड, पुरस्कार या सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह पर आधारित होती है, जहाँ व्यक्ति केवल इसलिए नियमों का पालन करता है ताकि वह कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों की नजर में अच्छा बन सके।
3. यह चरण कोहलबर्ग के सिद्धांत के स्तर-III (Level III) के अंतर्गत आता है, जो सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) से ठीक पहले की अवस्था है, और इसमें वैधानिक कानूनों की तुलना में सामाजिक न्याय एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेष रूप से उत्तर-रूढ़िगत स्तर / Post-conventional Level के सामाजिक अनुबंध और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच संवेगात्मक समानुभूति (Empirical Empathy), सामाजिक न्याय मूल्यांकन, और संज्ञानात्मक दुविधा समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning), न्यायपरायणता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास की अवस्थाएं और शैशवावस्था का संवेगात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-अनिच्छुक, असुरक्षित-टालने वाली और अव्यवस्थित संलग्नता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हाइपोथैलेमस' (Hypothalamus), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच हाइपॉथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) एक्सिस के नियमन, तनाव प्रतिक्रिया (Stress Response), और आंतरिक कार्य मॉडल (Internal Working Models) की सक्रियण गतिकी, तथा मैरी ऐंसवर्थ (Mary Ainsworth) की 'स्ट्रेंज सिचुएशन प्रोसीजर' (Strange Situation Procedure) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सिक्योर-बेस अटैचमेंट बेस्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Secure-Base Attachment Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक सुरक्षा, सामाजिक अनुकूलनशीलता व समग्र आत्म-विनियमन (Self-Regulation) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateau of Learning) और मानसिक थकान के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, आर्थर गेट्स (Arthur Gates) और रटलेज बुचलेस द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल कारकों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (RAS) के बीच संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), सिनैप्टिक थकान और प्रेरणा ह्रास (Loss of Motivation) की सक्रियण गतिकी, तथा लुईस थर्स्टन (L.L. Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'मानसिक ऊर्जा और कार्यकुशलता के नियमों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षण रणनीतियों (Remedial Teaching Strategies) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अवरोधों को दूर कर पुनरुत्थान व कौशल दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन के संदर्भ में, राज्य के प्रमुख वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी अवस्थिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों में फैला हुआ है और गंगा नदी इसके मध्य से होकर गुजरती है।
2. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना वन्यजीव विहार है, जो चंदौली जिले में स्थित है और इसकी स्थापना एशियाई शेरों के संरक्षण के उद्देश्य से की गई थी।
3. 'किशनपुर वन्यजीव विहार' लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहाँ मुख्य रूप से बारहसिंगा (Swamp Deer) तथा बाघों का प्राकृतिक आवास पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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