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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक विभाजन के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड पठार' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बुंदेलखंड पठार उत्तर प्रदेश का एक प्राचीन और पथरीला भू-भाग है, जो प्री-कैंब्रियन काल की गनीस और ग्रेनाइट चट्टानों से बना है। यहाँ की कठोर चट्टानी संरचना और भू-भाग की विषमता के कारण यहाँ भू-जल स्तर बहुत नीचे है और नलकूपों (Tubewells) की प्रधानता के बजाय तालाबों, कुओं और नहरों द्वारा सिंचाई की जाती है। अतः कथन (d) असत्य है। इसके विपरीत, यहाँ की मृदा 'मार' और 'काबर' चिकनी और काली मिट्टी के प्रकार हैं, बेतवा-केन जैसी नदियाँ चंबल के साथ मिलकर बीहड़ या खड्ड बनाती हैं, और इसकी भौगोलिक स्थिति विंध्यन श्रेणी व यमुना के मध्य है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) और 'पैरिएटल लोब' के बीच कार्यकारी कार्य (Executive Functions), कार्यशील स्मृति अद्यतन और मानसिक सिमुलेशन की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर egocentrism' (किशोरावस्था की आत्म-केंद्रित सोच: काल्पनिक दर्शक और व्यक्तिगत कल्पकथा) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, पूछताछ-आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय तार्किकता, समस्या-समाधान व संवेगात्मक नियमन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्ग्राफिया (Dysgraphia - लेखन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, वर्जीनिया बर्जर (Virginia Berninger) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टीलेयर मॉडल ऑफ़ राइटिंग' (Multilayer Model of Writing) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), 'प्रिमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) और 'सुपीरियर पैरिएटल लोब' (Superior Parietal Lobe) के बीच मोटर-ऑर्थोग्राफिक मैपिंग, कार्यकारी नियंत्रण और स्थानिक-हस्तलेखन एकीकरण की सक्रियण विसंगति, तथा टोबियास रिचर्ड्स (Tobias Richards) और साथियों के 'ऑर्थोग्राफिक-मोटर इंटीग्रेशन हाइपोथेसिस' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अर्गोनॉमिक और मल्टीसेंसरी मोटर शिक्षाशास्त्र (Sensory-Motor Integration Pedagogy) और विद्यार्थियों में ठीक मोटर कौशल, वर्तनी संरचना व सुगम पठन-लेखन प्रवाह के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता संरक्षण' (Biodiversity Conservation) और उसकी रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'स्व-स्थाने संरक्षण' (In-situ Conservation) के अंतर्गत प्राकृतिक आवासों में ही जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरणों में राष्ट्रीय पार्क (National Parks), वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) शामिल हैं।
2. 'बाह्य-स्थाने संरक्षण' (Ex-situ Conservation) विधि उन संकटग्रस्त जातियों के लिए अपनाई जाती है जिनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो चुके हैं या जो विलुप्त होने की कगार पर हैं, और इसके अंतर्गत वानस्पतिक उद्यान (Botanical Gardens), प्राणि उद्यान (Zoos), बीज बैंक (Seed Banks) और जीन बैंक स्थापित किए जाते हैं।
3. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जैव विविधता के संरक्षण के लिए रियो पृथ्वी सम्मेलन (1992) में 'जैविक विविधता पर कन्वेंशन' (CBD) को अपनाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य जैव विविधता का सतत उपयोग करना है, और भारत में इसे कानूनी रूप से लागू करने के लिए 'जैविक विविधता अधिनियम' वर्ष 2002 में पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'पर्यावरण शिक्षा के उद्देश्य और पाठ्यक्रम निर्माण' के संदर्भ में, नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF 2005) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के दृष्टिकोण के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक एकीकृत (Integrated) पाठ्यक्रम के रूप में विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के रूप में अलग-अलग न पढ़ाकर, पर्यावरण के साथ बच्चों के सीधे अनुभवों को जोड़ते हुए प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
2. NEP 2020 इस बात पर बल देती है कि पर्यावरण शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं और सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) की व्यावहारिक समझ को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
3. EVS के पाठ्यक्रम में 'पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता' जैसे अमूर्त और उच्च स्तरीय वैज्ञानिक सिद्धांतों को कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए रटकर याद करने हेतु अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' (Kohlberg's Stages of Moral Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत और अंतरात्मा के स्वर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC - नैतिक निर्णय और सहानुभूति), 'इंसुला' (Insula - नैतिक घृणा और सामाजिक न्याय की अनुभूति), और 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - संज्ञानात्मक संघर्ष समाधान और नैतिक दुविधा मूल्यांकन) के बीच न्यूरोनल कनेक्टिविटी, संवेगात्मक-संज्ञानात्मक एकीकरण, और मूल्य आधारित तंत्रिका नेटवर्क (Value-based Neural Networks) की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक विकास के देखभाल परिप्रेक्ष्य' (Ethics of Care Perspective) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोरालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Morality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तर्क, सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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