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थॉर्नडाइक के सीखने के सिद्धांत (Trial and Error Theory) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा नियम सीखने के 'गौण नियमों' (Secondary Laws) के अंतर्गत शामिल नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थॉर्नडाइक ने सीखने के मुख्य रूप से दो प्रकार के नियम बताए हैं- मुख्य नियम (Primary Laws) और गौण नियम (Secondary Laws)। मुख्य नियमों के अंतर्गत तीन नियम आते हैं: तत्परता का नियम (Law of Readiness), अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और प्रभाव का नियम (Law of Effect)। वहीं, गौण नियमों के अंतर्गत पाँच नियम आते हैं: बहु-अनुक्रिया का नियम, आंशिक क्रिया का नियम, मनोवृत्ति का नियम, आत्मीकरण का नियम, और साहचर्य परिवर्तन का नियम। अतः 'प्रभाव का नियम' गौण नियम नहीं बल्कि मुख्य नियम है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार और मानसिक थकान' के संदर्भ में, आर्थर गेट्स (Arthur Gates) और रसेल (Russell) द्वारा विश्लेषित 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) के अंतर्गत 'प्रेरणा की कमी', 'गलत शिक्षण विधियों', और 'शारीरिक-मानसिक थकान' (Physiological & Mental Fatigue) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा विलियम मैकडगल (William McDougall) द्वारा प्रतिपादित 'मूलप्रवृत्तियों का सिद्धांत' (Instinct Theory) के अंतर्गत 'संवेगों और मूलप्रवृत्तियों' (जैसे भय और पलायन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक शिक्षण चक्र (Remedial Teaching Cycle) और विद्यार्थियों में संचयी अधिगम अवरोधों को दूर करने में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) तथा विलियम जेम्स (William James) द्वारा विश्लेषित 'संज्ञानात्मक संतृप्ति और मानसिक थकान के सिद्धांत' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'पूर्व-अनुबंध मोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex), और 'पूर्व-सामने की सिंगुलेट गाइरस' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) के बीच कार्यशील स्मृति अतिभार (Working Memory Overload), सिनैप्टिक फैटीग (Synaptic Fatigue), और प्रीफ्रंटल-बेसल गैंग्लिया लूप में व्यवधान की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑप्टिमाइज्ड स्कैफोल्डिंग पेडागोजी' (Neuro-Optimized Scaffolding Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विश्राम अंतराल (Cognitive Rest Breaks), सुधारात्मक मध्यस्थता व समग्र अधिगम ऊर्जा के पुनरुत्थान के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बच्चों के भाषा विकास, विचार और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के बीच के मौलिक अंतरों और समानताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो उम्र बढ़ने के साथ लुप्त हो जाता है। इसके विपरीत, लेव वाइगोत्स्की का मानना था कि भाषा शुरुआत से ही सामाजिक होती है और 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है।
2. पियाजे के अनुसार 'विचार' (Thought) भाषा से पहले विकसित होते हैं और बच्चे अपने भौतिक पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) करके ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार जीवन के शुरुआती वर्षों में अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं और लगभग दो वर्ष की आयु के बाद आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं।
3. वाइगोत्स्की ने संज्ञानात्मक विकास में 'अधिक ज्ञानवान अन्य' (MKO) और 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) की अवधारणा के माध्यम से संस्कृति और सामाजिक अंतःक्रिया को केंद्रीय स्थान दिया है, जबकि पियाजे ने बच्चों के विकास को सांस्कृतिक संदर्भों से पूरी तरह स्वतंत्र और सार्वभौमिक चरणों (Stages of Cognitive Development) में विभाजित माना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के शिक्षा, साहित्य, अनुसंधान संस्थानों और उनके स्थापना वर्ष/अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान' की स्थापना वर्ष 1976 में लखनऊ में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा और साहित्य का संवर्द्धन करना तथा साहित्यकारों को सम्मानित करना है।
2. 'भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान' (IIIT) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित है, जिसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (Institute of National Importance) का दर्जा प्राप्त है।
3. 'बुंदेलखंड विश्वविद्यालय' झाँसी में स्थित है और इसकी स्थापना वर्ष 1985 में की गई थी, जो इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांतों' (Theories of Memory and Forgetting) के संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'निरर्थक शब्दांशों' के प्रयोग से जुड़े मात्रात्मक विश्लेषण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जॉन ब्रॉडस वॉटसन (John B. Watson) और इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन से इतर, हर्बर्ट साइमन (Herbert Simon) तथा रिचर्ड एटलकिन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) के तीन प्रमुख घटकों—'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory), 'अल्पकालिक स्मृति/कार्यकारी स्मृति' (Short-term/Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-term Memory)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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