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MCQ मुगल शासन में "काजी":

काजी न्याय प्रदान करते थे।

12 minutes ago History of India
MCQ प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में 'जॉन डेवी' (John Dewey) के 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत का कक्षा-कक्षीय शिक्षण में सबसे अधिक सटीक और व्यावहारिक अनुप्रयोग निम्नलिखित में से कौन सा है?

प्रगतिशील शिक्षा और बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र के जनक जॉन डेवी के अनुसार, शिक्षा केवल भविष्य के जीवन की तैयारी नहीं है, बल्कि यह स्वयं जीवन है। इसमें बच्चों को निष्क्रिय श्रोता के रूप में देखने के बजाय उन्हें ज्ञान के सक...

12 minutes ago Child Development
MCQ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका एवं सैन्य रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की पेंशन बंद किए जाने के बाद अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया, जिसमें उनके मुख्य सलाहकार और रणनीतिकार अजीमुल्ला खां थे। 2. तात्या टोपे ने नाना साहब के सेनापति के रूप में कानपुर की सेना का प्रभावी सैन्य नेतृत्व किया तथा कानपुर में अंग्रेजों की पराजय के बाद ग्वालियर में सिंधिया सेना को अपनी ओर मिलाकर ग्वालियर पर अधिकार कर लिया, और बाद में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध एक व्यापक सैन्य अभियान चलाया। 3. कानपुर में कैंपबेल के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना द्वारा पुनः अधिकार प्राप्त किए जाने के पश्चात नाना साहब अंग्रेजों के हाथ लग गए और उन्हें राजद्रोह के आरोप में सार्वजनिक रूप से कानपुर में ही फाँसी दे दी गई, जबकि तात्या टोपे नेपाल के जंगलों में अंग्रेजों से बचते हुए जीवनभर अज्ञातवास में रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि नाना साहब ने पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में अपनी पेंशन बंद किए जाने और ब्रिटिश नीतियों के विरोध में कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व संभाला था और अजीमुल्ला खां उनके प्रमुख राजनी...

13 minutes ago History of India
MCQ भारतीय पर्यावरण कानून और 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) की विधिक संरचना तथा शक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत की गई है, और यह भारत का एकमात्र ऐसा विशेष न्यायिक निकाय है जिसे पर्यावरण से जुड़े मामलों में सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) के सख्त नियमों का पालन करने से छूट प्राप्त है और यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) के आधार पर कार्य करता है। 2. NGT को पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन या प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय क्षति से जुड़े मामलों में आदेश, निर्देश या निर्णय देने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, किंतु यह अधिकरण संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारक्षेत्र की तरह स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की विधिक शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता है, जब तक कि कोई औपचारिक याचिका या आवेदन न दायर किया जाए। 3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के किसी आदेश, निर्णय या पुरस्कार के विरुद्ध अपील सीधे उच्चतम न्यायालय में ही की जा सकती है, और अधिकरण के निर्णय के खिलाफ किसी भी राज्य के उच्च न्यायालय में अपील करने का कोई प्रावधान इस अधिनियम के तहत नहीं किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत पर्यावरण संरक्षण और वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और त्वरित निपटान के लिए की गई ह...

13 minutes ago Civil services
MCQ भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश भारत की सीटों का आंटन प्रत्येक दस लाख की जनसंख्या पर एक सदस्य के अनुपात में किया गया था। 2. रियासतों (Princely States) के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा नामांकित किया जाना था, और यही कारण है कि संविधान सभा पूरी तरह से एक निर्वाचित निकाय थी जिसमें मनोनीत सदस्यों के लिए कोई स्थान नहीं था। 3. 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) में यह संकल्प व्यक्त किया गया था कि भारत एक स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य होगा और इसके समस्त क्षेत्रों का प्रशासन तथा शक्ति का स्रोत जनता होगी। 4. संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों का गठन किया गया था, जिनमें प्रारूप समिति (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी और इसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के माध्यम से हुआ था और जनसंख्या (लगभग 10 लाख पर 1 सीट) के आधार पर सीटें आवंटित की गई थीं। कथन 2 ग...

13 minutes ago Indian Polity
MCQ भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) और अधीनस्थ न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक अधिकारक्षेत्र के सभी न्यायालयों और अधिकरणों (सैन्य अधिकरणों को छोड़कर) पर अधीक्षण (Superintendence) करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति केवल न्यायिक अधीक्षण तक सीमित है, प्रशासनिक अधीक्षण तक इसका विस्तार नहीं होता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात की जाती है, तथा किसी व्यक्ति को जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता या प्लीडर रहा हो और संघ या राज्य की सेवा में पहले से कार्यरत न हो। 3. संविधान के अनुच्छेद 236 के निर्वचन के अनुसार 'जिला न्यायाधीश' के अंतर्गत नगर सिविल न्यायालय का न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश, संयुक्त जिला न्यायाधीश, सहायक जिला न्यायाधीश, लघु वाद न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, मुख्य presidency मजिस्ट्रेट और सेशन न्यायाधीश सभी शामिल होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय की अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति में न केवल न्यायिक अधीक्षण (Judicial Superintendence) बल्कि प्रशासनिक अधीक्षण (Administrative Superintendence) भी...

13 minutes ago Indian Polity
MCQ भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अंतर्गत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी समितियों की बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे संसद की किसी भी प्रक्रिया में मतदान (Voting) करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। 2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उसे उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, किंतु अपनी पदमुक्ति के पश्चात् वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार का अन्य शासकीय पद धारण कर सकता है, क्योंकि संविधान में उसके पुनर्नियुक्ति पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। 3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के 'मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' के रूप में कार्य करता है, और CAG द्वारा तैयार किए गए केंद्र के लेखा-परीक्षा प्रतिवेदनों को राष्ट्रपति को प्रस्तुत किया जाता है, जो उन्हें संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार भारत का महान्यायवादी (Attorney General) देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के सदनों में बोलने व भाग लेने का अधिकार है परन्तु मतदान का अधिकार नहीं है। कथन...

13 minutes ago Indian Polity
MCQ वर्ष 1857 के विद्रोह के स्वरूप और उसके मूल्यांकन के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों और विचारकों के कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. "यह न तो पहला, न ही राष्ट्रीय, और न ही स्वतंत्रता संग्राम था" - डॉ. आर.सी. मजूमदार 2. "यह सुनियोजित तरीके से लड़ा गया भारत का प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम था" - वी.डी. सावरकर 3. "यह विद्रोह केवल एक सिपाही विद्रोह था, जिसका राष्ट्रीयता से कोई दूर-दूर तक संबंध नहीं था" - सर जॉन सीले 4. "यह धर्म का अंधा युद्ध था जो कि बर्बरता और सभ्यता के बीच का संघर्ष था" - टी.आर. होम्स उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से सही सुमेलित हैं?

वर्ष 1857 के महान विद्रोह की प्रकृति को लेकर ब्रिटिश और भारतीय इतिहासकारों के बीच भारी मतभेद रहे हैं। प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. आर.सी. मजूमदार ने अपनी पुस्तक 'द सिपोय म्यूटनी एंड द रिवोल्ट ऑफ 1857' में यह स्पष्ट मत व्यक्त क...

13 minutes ago History of India
MCQ भारतीय संविधान सभा की निर्माण प्रक्रिया, विभिन्न समितियों और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा की कुल बैठकों में से अधिकांश महत्वपूर्ण कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे। 2. प्रारूप समिति (Drafting Committee), जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था, में अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य थे, और इस समिति का मुख्य कार्य संविधान के प्रारूप पर विचार करना था, किंतु इसके द्वारा तैयार किए गए पहले प्रारूप पर आम जनता, प्रेस और प्रांतीय विधानसभाओं से कोई सुझाव या टिप्पणियाँ आमंत्रित नहीं की गई थीं। 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के दौरान कुल तीन वाचन (Readings) हुए थे, और अंततः 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया, जिसमें उस समय सभा के उपस्थित कुल 284 सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर किए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि पंडित जवाहरलाल नेहरू संघ शक्ति समिति और संघीय संविधान समिति दोनों के अध्यक्ष थे, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष थे। कथन 2 गलत है क्योंकि प्रारूप समिति द्वारा फरवरी 1948 मे...

13 minutes ago Indian Polity
MCQ भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति रखता है, और मूल संविधान में यह एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में स्थापित किया गया था जिसे बाद में 1989 में एकल-सदस्यीय बना दिया गया। 2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों के लिए सरकारी वित्तपोषण (State Funding) की संस्तुति की थी, तथा यह भी सुझाव दिया था कि किसी भी उम्मीदवार को एक साथ दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 3. जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 77 के तहत राजनीतिक दलों द्वारा अपने स्टार प्रचारकों के आवागमन और प्रचार पर किए जाने वाले व्यय को संबंधित उम्मीदवार के चुनाव खर्च की सीमा में शामिल नहीं किया जाता है, बशर्ते स्टार प्रचारक की सूची चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्धारित समयावधि के भीतर सौंपी गई हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 गलत है क्योंकि मूल संविधान में निर्वाचन आयोग एक-सदस्यीय निकाय था। 16 अक्टूबर 1989 को राष्ट्रपति ने इसे बहु-सदस्यीय निकाय बनाया, जिसे बीच में फिर से एक-सदस्यीय किया गया और अंततः 1 अक्टूबर 1993 से यह स्थायी रूप से ती...

13 minutes ago Indian Polity
I
MCQ In the context of modern English language teaching pedagogy, the selection, design, and implementation of Teaching Learning Materials (TLMs), textbook evaluation, and remedial teaching require a rigorous synthesis of cognitive theory and diagnostic principles. Consider the following advanced propositions:I. Textbook adaptation frameworks (such as those outlined by McDonough, Shaw, and Tomlinson) emphasize that commercial textbooks should be treated as flexible resource banks—permitting localization, supplementation, and omission—rather than unalterable scripts.II. Remedial teaching is conceptually synonymous with repetitive drill-and-practice of the regular classroom syllabus, operating on the premise that low-achieving students merely need mechanical exposure without prior diagnostic isolation of underlying cognitive gaps.III. Instructional design principles dictate that authentic materials and graded readers employed as TLMs must be mediated through appropriate pedagogical scaffolding to bridge the chasm between native text complexity and learner interlanguage proficiency.IV. Diagnostic testing in remedial programs is fundamentally distinct from summative achievement testing; its primary pedagogical objective is to pinpoint specific learning difficulties, persistent error taxonomies, and conceptual misconceptions to formulate targeted corrective interventions.Identify the option that correctly evaluates the pedagogical validity of propositions I, II, III, and IV according to modern language education and applied pedagogy.

To evaluate the propositions:• Proposition I is correct: Modern Instructional design and textbook evaluation models view commercial textbooks as adaptable resources that require tailoring to fit heterogeneous learner nee...

13 minutes ago English Language
MCQ दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास, सैन्य सुधारों और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों को नगद वेतन देने की परंपरा शुरू की और घोड़ों को दागने (दाग) तथा सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा को सख्ती से लागू किया, जिसके लिए उसने 'दीवान-ए-आरिज' विभाग को पुनर्गठित किया था। 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के अपने निर्णय को वापस लेने के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य बंजर भूमि को प्रत्यक्ष राजकीय नियंत्रण में लाकर कृषि का विस्तार करना था। 3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में वंशानुगत जागीर और सैन्य पदों की प्रथा को पुनर्जीवित किया तथा 'हक-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) नामक सिंचाई कर लगाया, किंतु उसने शरीयत के विरुद्ध समझे जाने वाले सभी प्रकार के 24 कष्टदायक करों (जैसे अबवाब) को समाप्त कर केवल चार कर—खराज, जकात, जिजिया और खुम्स—ही वैध रखे। 4. सिकंदर लोदी ने भू-राजस्व निर्धारण के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' का पैमाना प्रचलन में लाया, जिसकी लंबाई 39 अंगुल (या लगभग 30 इंच) थी, और उसने कृषि योग्य भूमि की पैमाइश की इस नई इकाई को पूरे सल्तनत में अनिवार्य बनाया जिससे किसानों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ कम हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि अलाउद्दीन खिलजी ने सेना को मजबूत करने के लिए नगद वेतन देने, 'दाग' और 'हुलिया' प्रथा शुरू की थी। कथन 2 गलत है क्योंकि मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा स्थापित 'दीवान-ए-कोही' (कृषि विभाग) का उद्देश्य दोआब में...

13 minutes ago History of India
MCQ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के तात्कालिक कारणों और बैरकपुर छावनी में घटी घटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया, जिसके नए कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों में भारी धार्मिक असंतोष पैदा कर दिया, क्योंकि इसे उनकी जाति और धर्म को भ्रष्ट करने का एक सुनियोजित ब्रिटिश षड्यंत्र माना गया। 2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध कड़ा विरोध जताते हुए अपने यूरोपीय अधिकारी लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन पर आक्रमण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। 3. मंगल पांडे को फांसी दिए जाने की घटना के तुरंत बाद बैरकपुर छावनी के समस्त सैनिकों ने अंग्रेजों के विरुद्ध खुला विद्रोह कर दिया और उसी दिन संपूर्ण दिल्ली पर अधिकार करने के लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया था। 4. चर्बी वाले कारतूसों की जाँच और निर्माण के कारखाने मुख्य रूप से दमदम, सियालकोट और अंबाला में स्थित थे, जहाँ सैन्य अधिकारियों ने भारतीय सैनिकों को इन नए कारतूसों के इस्तेमाल से अनिवार्य रूप से छूट दे दी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

वर्ष 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण सेना में 'एनफील्ड राइफल' का引入 और उसमें प्रयुक्त होने वाले चर्बी वाले कारतूसों की घटना थी। जनवरी 1857 में दमदम, सियालकोट और अंबाला जैसे प्रशिक्षण केंद्रों में नई एनफील्ड राइफल और उ...

13 minutes ago History of India
MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियापूत या नैमित्तिक अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)**—जिसे उस प्रेरक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से किसी अवांछित, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या उसकी उपस्थिति से मुक्ति दिलाकर किसी वांछित अनुक्रिया (Desirable Response) की आवृत्ति, संभावना या शक्ति को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव मुक्ति और सकारात्मक आदतों के निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

सही उत्तर विकल्प (b) है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, बुरुस फ्रेडरिक स्किनर के क्रियापूत अनुबंधन (Operant Conditioning) में 'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement) और 'सजा' (Punishment) के बीच का अंतर समझना अत्यंत...

14 minutes ago MPTET
MCQ महात्मा गांधी के भारत आगमन के उपरांत उनके शुरुआती सत्याग्रह आंदोलनों—चंपारण, खेड़ा और असहयोग आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकथा पद्धति' के विरुद्ध गांधीजी ने संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप 'चंपारण अग्रैरियन कमेटी' की सिफारिश पर इस शोषणकारी प्रथा को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया। 2. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में फसल खराब होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान वसूली में कोई रियायत न दिए जाने पर, गांधीजी ने किसानों को सलाह दी कि वे सरकार को लगान का भुगतान बिल्कुल न करें और सरकार के साथ पूर्ण असहयोग करें। 3. वर्ष 1920 में आरंभ किए गए असहयोग आंदोलन के दौरान नागपुर सत्र (दिसंबर 1920) में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन किया गया, जिसके तहत 'शांतिपूर्ण और वैध तरीकों' से 'स्वराज' की प्राप्ति को कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य बनाया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि चंपारण सत्याग्रह के बाद गठित 'चंपारण अग्रैरियन कमेटी' की रिपोर्ट के आधार पर तीनकथा पद्धति को समाप्त कर दिया गया था। कथन 2 गलत है क्योंकि खेड़ा सत्याग्रह में गांधीजी ने किसानों को यह सलाह दी थी कि जो...

14 minutes ago History of India
MCQ भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल के गठन, उसकी संरचना और विधायी प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्साहन के लिए विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा ने कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित किया हो, और इस प्रकार पारित संकल्प के आधार पर संसद द्वारा बनाया गया कानून अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए संविधान संशोधन नहीं माना जाएगा। 2. संविधान के अनुच्छेद 171 के प्रावधानों के अनुसार किसी राज्य की विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, किंतु किसी भी स्थिति में विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या 40 से कम नहीं हो सकती है (अपवादस्वरूप जम्मू-कश्मीर जब राज्य था, तब इसकी संख्या अलग थी)। 3. राज्य विधानमंडल द्वारा पारित धन विधेयक (Money Bill) को विधान परिषद केवल 14 दिनों की अवधि के लिए अपने पास रोक सकती है, और यदि विधान परिषद इस अवधि के भीतर विधेयक को अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के विधानसभा को वापस नहीं करती है, तो उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित समझा जाता है जिस रूप में वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, तथा विधान परिषद को धन विधेयक में संशोधन करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत संसद किसी राज्य में विधान परिषद का सृजन या उत्साहन कर सकती है यदि संबंधित राज्य की विधानसभा इस संबंध में विशेष बहुमत (कुल सदस्यों का बहुमत तथा उपस्थित व मतदान करने वाले सदस्यो...

14 minutes ago Indian Polity
MCQ हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा देश में गहरे समुद्र के संसाधनों के सतत उपयोग और समुद्री जैव विविधता के संरक्षण के लिए किस महत्वाकांक्षी मिशन को औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान की गई है?

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा देश में नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को बढ़ावा देने और गहरे समुद्र के रहस्यों व खनिज संसाधनों का पता लगाने के लिए 'डीप ओशन मिशन' (Deep Ocean Mission) के तहत विभिन्न शोध और विकास परियोजन...

14 minutes ago Current Affairs
MCQ वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में पुरानी ब्राउन बेस मस्कट बन्दूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों में भारी आक्रोश पैदा किया। 2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के आदेश का विरोध करते हुए अपने अंग्रेजी अधिकारियों लेफ्टिनेंट बाग और सार्जेंट ह्यूसन पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। 3. मंगल पांडे की इस घटना के तुरंत बाद, मेरठ छावनी के सैनिकों ने 10 मई 1857 को विद्रोह का बिगुल बजा दिया, जहाँ उन्होंने एनफील्ड राइफल्स के प्रयोग से पूर्णतः इंकार करते हुए यूरोपीय अधिकारियों को बंधक बना लिया और दिल्ली की ओर कूच किया। 4. चर्बी वाले कारतूसों की घटना के विरोध में विद्रोह करने वाले मंगल पांडे को गिरफ्तार करने से इनकार करने वाले ब्रिटिश रेजिमेंट के भारतीय अधिकारियों को ब्रिटिश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

वर्ष 1857 के महान विद्रोह का तात्कालिक कारण ब्रिटिश सेना में नई एनफील्ड राइफल का परिचय और उसमें प्रयुक्त होने वाले चर्बी वाले कारतूस थे। कलकत्ता के पास दमदम, सियालकोट और अंबाला में इन कारतूसों का परीक्षण किया गया था, जिस...

14 minutes ago History of India
MCQ ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व व्यवस्थाओं (स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लागू 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के तहत जमींदारों को भूमि का स्वामी मान लिया गया, किंतु कंपनी द्वारा भू-राजस्व की मांग को हमेशा के लिए निश्चित कर देने के कारण कृषि के आधुनिकीकरण में जमींदारों की रुचि कम हो गई और वे किसानों से अत्यधिक लगान वसूलने लगे। 2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी में लागू 'रयतवारी व्यवस्था' में सरकार और किसान (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें किसानों को मालिकाना हक तो मिला, किंतु राजस्व की दरें अत्यधिक ऊंची थीं और अकाल या सूखे के समय भी इसमें कोई छूट नहीं दी जाती थी। 3. उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों में लागू 'महालवारी व्यवस्था' के अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसानों के आधार पर न करके पूरे ग्राम समुदाय या 'महाल' (गाँव या गाँवों के समूह) के साथ सामूहिक रूप से किया जाता था, और कर संग्रह की जिम्मेदारी मुख्य रूप से गाँव के मुखिया या लंबरदार को सौंपी जाती थी। 4. इन तीनों प्रमुख भू-राजस्व प्रणालियों के परिणामस्वरूप भारतीय कृषि का बड़े पैमाने पर व्यावसायीकरण हुआ, जिससे भारतीय किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई और वे वैश्विक मंदी के प्रभावों से पूरी तरह सुरक्षित रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में तीन प्रमुख भू-राजस्व प्रणालियाँ लागू की गईं थी: लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा 1793 में बंगाल, बिहार, बनारस और उड़ीसा में 'स्थाई बंदोबस्त' (इस्तमरारी बंदोबस्त), थॉम...

14 minutes ago History of India
MCQ भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 3 जून 1947 को घोषित माउंटबेटन योजना में भारत के विभाजन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी, जिसके तहत बंगाल और पंजाब विधानसभाओं की बैठकों में हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों द्वारा अलग-अलग बैठक कर प्रांत के विभाजन के पक्ष या विपक्ष में निर्णय लिया जाना था। 2. माउंटबेटन योजना के आधार पर ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' (Indian Independence Act 1947) को ब्रिटिश सम्राट की स्वीकृति मिलने के पश्चात 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन अस्तित्व में आए। 3. पंजाब और बंगाल में सीमाओं के निर्धारण के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने अपने अंतिम पंचाट (Award) की घोषणा 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही कर दी थी, किंतु प्रशासनिक और राजनीतिक कारणों से इसे स्वतंत्रता दिवस के ठीक दो दिन बाद यानी 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक किया गया। 4. इस योजना के प्रावधानों के अंतर्गत उत्तर-पश्चिमी सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराया गया था, जिसमें दोनों स्थानों की जनता ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

उपर्युक्त कथनों में से कथन 1, 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 4 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि असम के सिलहट जिले और उत्तर-पश्चिमी सीमा प्रांत (NWFP) में जनमत संग्रह कराया गया था जहाँ सिलहट और NWFP दोनों की बहुसंख्यक जनता ने पाकि...

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