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BPSC, CTET, UPSC और सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए मुफ़्त प्रश्न व मॉक टेस्ट

BPSC TRE 4.0, Child Development, Indian Polity, General Science सहित सभी विषयों के 6000+ प्रश्न — अभी अभ्यास करें।

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MCQ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All-India Services) और 'संघ तथा राज्यों के अधीन लोक सेवाओं' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अंतर्गत राज्यसभा यदि उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है, तो संसद को कानून द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अतिरिक्त किसी भी अन्य नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन करने की शक्ति प्राप्त हो जाती है। 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है, परंतु वे विभिन्न राज्यों के 'कैडरों' (Cadres) में नियुक्त होते हैं और उन्हें केंद्र तथा राज्य दोनों सरकारों के अधीन सेवाएँ देने का अधिकार होता है, तथापि उन पर अंतिम अनुशासनिक नियंत्रण (Ultimate Disciplinary Control) और बर्खास्तगी की शक्ति पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के पास निहित होती है, न कि केंद्र सरकार के पास। 3. संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का गठन किया जाता है, किंतु दो या अधिक राज्य समझौते के माध्यम से संसद से अनुरोध कर सकते हैं कि उनके लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन किया जाए, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद कानून द्वारा भारतीय प्...

1 minute ago Civil services
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MCQ ग्राम पंचायतों के गठन का निर्देश किस अनुच्छेद में है?

अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन से संबंधित है।

4 minutes ago Civil services
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MCQ भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न संवैधानिक एवं संविधिक निकायों (Constitutional and Statutory Bodies) तथा उनके गठन और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत की जाती है, और उन्हें संसद के दोनों सदनों की बैठकों में बोलने तथा कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उन्हें संसद में मतदान देने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। 2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) को पदच्युत करने की प्रक्रिया और आधार वही होते हैं जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के होते हैं, तथा CAG अपनी सेवा पूरी करने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के नए कार्यालय या पद पर पुनः नियुक्त किए जा सकते हैं। 3. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक संविधिक निकाय (Statutory Body) है जिसका गठन 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' के तहत किया गया है, और इसके अध्यक्ष के रूप में केवल उच्चतम न्यायालय के ऐसे सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त किया जा सकता है जिन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया हो। 4. निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक बहु-सदस्यीय स्थायी निकाय है, जिसके मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए गए विशेष कानून के तहत कॉलेजियम प्रणाली द्वारा की जाती है, और इन सभी का वेतन तथा सेवा शर्तें उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

कथन 1 सत्य है क्योंकि भारत के महान्यायवादी (अनुच्छेद 76) को संसद के दोनों सदनों में बोलने का अधिकार है लेकिन मतदान का अधिकार नहीं है। कथन 2 असत्य है क्योंकि CAG अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सर...

4 minutes ago BPSC TRE 4.0
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MCQ भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'हरित बांड' (Green Bonds) और उनके नियमन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हरित बांड ऐसे निश्चित आय वाले वित्तीय उपकरण (Fixed-income instruments) हैं जिनका उपयोग विशेष रूप से पर्यावरण के अनुकूल, जलवायु-लचीली और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण या पुनर्वित्तपोषण के लिए किया जाता है। 2. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने भारत में हरित ऋण पत्रों (Green Debt Securities) के निर्गम और लिस्टिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत ग्रीनवॉश (Greenwashing) से बचने के लिए जारीकर्ता को बांड की आय के उपयोग के संबंध में एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष के प्रमाणीकरण (Third-party certification) का खुलासा करना अनिवार्य होता है। 3. संप्रभु हरित बांड (Sovereign Green Bonds) जारी करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है, और इन बांडों से प्राप्त आय को भारत सरकार के समेकित निधि (Consolidated Fund of India) में जमा किया जाता है, जिसका उपयोग देश के राजकोषीय घाटे को पाटने के लिए किसी भी सरकारी कार्य में किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है: हरित बांड पारंपरिक बांडों की तरह ही होते हैं, लेकिन इनसे प्राप्त धन का उपयोग विशेष रूप से पर्यावरण अनुकूल और सतत विकास परियोजनाओं (जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, प्रदूषण नियंत्रण आदि) के लिए किया जाता ह...

5 minutes ago Civil services
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MCQ सूची-I (पद्म पुरस्कार विजेता 2025) को सूची-II (संबंधित क्षेत्र) से सुमेलित कीजिए?

सही मिलान: निर्मला देवी (कला), भीम सिंह भावेश (चिकित्सा), हेमंत कुमार (सामाजिक कार्य), सुशील कुमार मोदी (सार्वजनिक मामले)।

7 minutes ago BPSC TRE 4.0
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MCQ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपात उपबंध' (Emergency Provisions - अनुच्छेद 352 से 360) तथा 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency - अनुच्छेद 352) से संबंधित प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, यदि उसे इस बात का समाधान हो जाए कि युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion) के कारण भारत या उसके राज्यक्षेत्र की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है, बशर्ते मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द के स्थान पर 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द का प्रयोग किया गया था जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा बदला गया था। 2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा या उसकी निरंतरता को अनुमोदित करने वाले प्रत्येक संकल्प को संसद के प्रत्येक सदन द्वारा उस उद्घोषणा की तिथि से एक मास के भीतर संसद के दोनों सदनों के कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत (विशेष बहुमत) द्वारा पारित किया जाना अनिवार्य है। 3. यदि लोकसभा का विघटन राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के दौरान हो जाता है या एक मास के भीतर उद्घोषणा का अनुमोदन करने वाला संकल्प लोकसभा में पारित हुए बिना विघटित हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में वह आपातकाल स्वतः समाप्त हो जाता है और राज्यसभा द्वारा अकेले पारित किया गया संकल्प भी प्रभावी नहीं रहता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति युद्ध, बाह्य आक्रमण या 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है। मूल संविधान (1950) में 'सशस्त्र विद्रोह' के स्थान पर 'आंतरिक अशांति' शब्द...

9 minutes ago Civil services
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MCQ भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कोयला भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा 'गोंडवाना कोयला क्षेत्रों' में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों तक सीमित हैं और देश के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 98% हिस्सा प्रदान करते हैं। 2. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के संदर्भ में, असम का 'डिगबोई' क्षेत्र एशिया का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र है, जबकि अपतटीय क्षेत्रों में 'मुंबई हाई' (Mumbai High) देश का सबसे बड़ा अपतटीय पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है जो मध्य-मीोजेन युग की चूना पत्थर संरचनाओं से जुड़ा है। 3. भारत के परमाणु खनिज भंडारों में 'थोरियम' का प्रमुख स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite sand) है, जो केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ झारखंड के राँची के पठार पर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। 4. एंथracite (एंथ्रेसाइट) कोयला भारत में पाया जाने वाला सबसे उच्च कोटि का कोयला है, जिसका भंडार मुख्य रूप से झारखंड के झरिया और बोकारो क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में खनन किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि भारत का लगभग 98% कोयला भंडार और उत्पादन गोंडवाना क्रम की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी घाटियों में केंद्रित हैं। कथन 2 सही है; असम का डिगबोई (1889) भारत का सबसे पुरान...

9 minutes ago Geography
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MCQ भारत की मिट्टियों और उनके वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े भू-भाग पर 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) का विस्तार पाया जाता है, जो मुख्य रूप से उत्तर के विशाल मैदान और प्रायद्वीपीय भारत की नदी घाटियों तक सीमित है, तथा इस मृदा में पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है किंतु नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है। 2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, का निर्माण बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है, और इसमें जल धारण करने की उच्च क्षमता (Self-ploughing capacity) होती है, जिसके कारण यह कपास की कृषि के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है। 3. 'लेटेराइट मृदा' (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के कारण होता है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है तथा पृष्ठ पर आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, इसलिए यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ होती है और इसमें बिना उर्वरक के धान की बंपर पैदावार होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

कथन 1 सही है क्योंकि भारत में जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) का विस्तार सबसे अधिक क्षेत्र (लगभग 43%) पर पाया जाता है, जो उत्तर के विशाल मैदान और तटीय मैदानों में विस्तृत है। इस मृदा में पोटाश और चूने की अधिकता होती है जबकि न...

9 minutes ago Geography
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसे उस अंतर या अंतराल के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी बालक के 'स्वयं द्वारा स्वतंत्र रूप से समस्या-समाधान करने के वास्तविक स्तर' और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोगात्मक मार्गदर्शन (Scaffolding) द्वारा 'संभावित विकास के स्तर' के बीच विद्यमान होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक मध्यस्थता, पाड़ (Scaffolding) की प्रभावशीलता और संज्ञानात्मक विस्तार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) वह महत्वपूर्ण दायरा है जहाँ वास्तविक विकास स्तर (independent problem-solving) और संभावित विकास स्तर (guided problem-solving) के बीच की ख...

11 minutes ago MPTET
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MCQ उत्तर प्रदेश में 'सोनभद्र' जिला निम्नलिखित में से किस वस्तु के भंडार के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है?

उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला खनिज संपदा से समृद्ध है, विशेष रूप से यहाँ कोयला, चूना पत्थर, और डोलोमाइट के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं।

11 minutes ago UPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतर्वैयक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य लोगों के सूक्ष्म मनोभावों, अभिव्यक्तियों, प्रेरणाओं, इरादों और व्यवहारिक पैटर्नों को सटीक रूप से समझने, उनका विश्लेषण करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद स्थापित करके सामाजिक संबंध बनाने की क्षमता रखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम, सामाजिक कौशल और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार 'अंतर्वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence) अन्य व्यक्तियों केMoods, motivations, intentions और भावनाओं को समझने और उनके अनुसार उपयुक्त व्यवहार करने की क्षमता है। क...

11 minutes ago MPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतra-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस आंतरिक संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक इच्छाओं, शक्तियों और कमजोरियों का सटीक आकलन करने तथा उनके आधार पर अपने व्यवहार को निर्देशित एवं विनियमित करने में पूर्ण रूप से सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), metacognition और व्यक्तिगत संवेगात्मक संतुलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति की अपनी खुद की भावनाओं, आंतरिक प्रेरणाओं, सीमाओं और शक्तियों को गहराई से समझने की क्षमता है। कक्षा-कक्षीय संदर...

11 minutes ago MPTET
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MCQ भारतीय शिक्षा के इतिहास में किस आयोग ने सर्वप्रथम प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण, निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के साथ-साथ 'अवरोधन' (Wastage) और 'व्यय' (Stagnation) की समस्याओं पर सबसे पहले गंभीर चिंता व्यक्त की थी?

हार्टोग समिति (Hartog Committee, 1929) ने ब्रिटिश भारत में शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में 'अवरोधन' (Wastage - बच्चों द्वारा प्राथमिक शिक्षा पूरी किए बिना बीच में ही विद्यालय छोड़ देना...

11 minutes ago UPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च और अत्यंत जटिल मानसिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संकल्पनाओं का उपयोग करते हुए एक नए, अनूठे और अभूतपूर्व स्थिति या अवरोध को पार करने के लिए तार्किक चिंतन, सूझबूझ और वैचारिक संश्लेषण का प्रयोग करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, विश्लेषणात्मक कौशल और स्वायत्त ज्ञानार्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द कंडीशंस ऑफ लर्निंग' (The Conditions of Learning) में अधिगम के आठ प्रकारों को एक पदानुक्रम (Hierarchy of Learning) के रूप में व्यवस्थित किया है, जो संकेत अधिगम (Signal...

11 minutes ago MPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्व-प्रभाविता या सेल्फ-एफ़िकेसी' (Self-Efficacy)**—जिसे उस व्यक्तिगत विश्वास या आत्म-आकलन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति यह मानता है कि वह किसी विशिष्ट परिस्थिति में अपेक्षित प्रदर्शन करने, कठिनाइयों का सामना करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्यों और रणनीतियों को सफलतापूर्वक निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, लक्ष्य-निर्धारण और शैक्षणिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक अधिगम (तथा सामाजिक-संज्ञानात्मक) सिद्धांत में 'स्व-प्रभाविता' (Self-Efficacy) एक केंद्रीय अवधारणा है। इसका तात्पर्य किसी व्यक्ति की उस क्षमता में विश्वास से है जिसके द्वारा वह किसी विशिष्ट परिस्...

12 minutes ago MPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद और प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Connectionism and Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक स्थिति या आंतरिक मानसिक तैयारी के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत यदि कोई तंत्रिकाीय पथ (Neural Pathway) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे कार्य करने दिया जाता है, तो इससे व्यक्ति को संतुष्टि और आनंद की प्राप्ति होती है, जबकि बाधा उत्पन्न होने पर कुंठा या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अधिगम प्रेरणा, मानसिक संरेखण और अकादमिक तत्परता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) यह स्पष्ट करता है कि अधिगम तभी सबसे प्रभावी और संतोषजनक होता है जब शिक्षार्थी मानसिक, शारीरिक और स...

12 minutes ago MPTET
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MCQ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रिचर्ड शिफ्रिन और रिचर्ड एटकिंसन के 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) तथा एलन बैडली (Alan Baddeley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी स्मृति मॉडल' (Working Memory Model: सेंट्रल एक्जीक्यूटिव, फोनोलॉजिकल लूप, विस्यूस्पेशियल स्केचपैड और एपिसोडिक बफर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus) के बीच अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में सूचनाओं के एनकोडिंग, समेकन (Consolidation) और पुनर्प्राप्ति (Retrieval) की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड असुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के 'सब्स्यूमर फ्रेमवर्क' (Subsumer Framework) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-लोड-बैलेंस्ड पेडागोजी (Cognitive-Load-Balanced Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक भार प्रबंधन, दीर्घकालिक स्मृति प्रतिधारण व समग्र सार्थक अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

यह प्रश्न कार्यकारी स्मृति (Working Memory Model), सूचना प्रक्रमण मॉडल (Information Processing Model) और डेविड असुबेल के सार्थक मौखिक अधिगम के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधारों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। विकल्प (a) पूर्ण...

12 minutes ago UPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या ढांचा निर्माण (स्काफोल्डिंग - Scaffolding)'**—जिसे मूल रूप से लेव वाइगोत्स्की के सिद्धांत से लिया गया है और ब्रूनर ने इसे अनुदेशात्मक सहायता (Instructional Support) के रूप में परिभाषित किया है, जिसके अंतर्गत एक वयस्क या अधिक ज्ञानी व्यक्ति (MKO) बालक को किसी जटिल कार्य को सीखने के दौरान अस्थायी और लचीली सहायता प्रदान करता है और जैसे-जैसे बालक की क्षमता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन, समीपस्थ विकास के क्षेत्र (ZPD) के प्रभावी दोहन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

जेरोम ब्रूनर के शैक्षिक मनोविज्ञान और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण में 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) या मचान निर्माण का तात्पर्य उस अस्थायी और लचीली सहायता से है जो शिक्षक या सक्षम साथी (MKO) द्वारा शिक...

12 minutes ago MPTET
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MCQ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) तथा 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता, जैव-विविधता के प्रति बोध, और मानव अस्तित्व के दार्शनिक प्रश्नों के अन्वेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) के अनुसार, बुद्धियाँ स्वतंत्र और विभिन्न डोमेन में कार्य करती हैं। 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) व्यक्तियों को प्रकृति के तत्वों...

12 minutes ago MPTET
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MCQ उत्तर प्रदेश में 'नवाबगंज पक्षी विहार' किस जिले में स्थित है?

नवाबगंज पक्षी विहार (चन्द्रशेखर आजाद पक्षी अभयारण्य) उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित है। यह उत्तर प्रदेश का पहला पक्षी अभयारण्य है।

12 minutes ago UPTET