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History of India
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नगर प्रशासन का प्रमुख अधिकारी कौन होता था जिसकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कोतवाल नगर का मुख्य प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था अधिकारी था।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध के क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की गतिविधियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह की बागडोर संभाली और ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध लंबी घेराबंदी का नेतृत्व किया।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, ने फैजाबाद और रोहिलखंड क्षेत्र से अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का संचालन किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में अहम भूमिका निभाई।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा लखनऊ पर पुनः अधिकार किए जाने के पश्चात बेगम हजरत महल ने ब्रिटिश सेनापति कॉलिन कैंपबेल के समक्ष सशर्त आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें लंदन में शरण दी गई।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़ने के लिए अंग्रेजों द्वारा पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, और अंततः एक स्थानीय राजा के विश्वासघात के कारण उनकी हत्या कर दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा उद्घाटित 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया तथा भारत के प्रशासन का पूर्ण नियंत्रण ब्रिटिश कैबिनेट के एक सदस्य 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) को सौंप दिया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारतीय परिषद' (India Council) का गठन किया गया।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में ब्रिटिश सरकार द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य में भारतीय रियासतें ब्रिटिश साम्राज्य में नहीं मिलाई जाएंगी और उनके 'दत्तक पुत्र' लेने के अधिकार (राज्यरोहण और उत्तराधिकार) को आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई।
3. घोषणा में यह प्रतिज्ञा की गई कि ब्रिटिश सरकार भारतीय प्रजा की प्राचीन धार्मिक, सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, तथा नस्ल, जाति या धर्म के भेदभाव के बिना योग्यता के आधार पर सभी भारतीयों को उच्च प्रशासनिक सेवाओं में निष्पक्ष रूप से नियुक्त किया जाएगा।
4. विद्रोह की पुनरावृत्ति को रोकने और सेना पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए गठित 'पील आयोग' (Peel Commission) की सिफारिशों के आधार पर मद्रास और बंबई की सेनाओं में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया तथा तोपखाने जैसे संवेदनशील विभागों पर पूरी तरह से यूरोपीय सैनिकों का एकाधिकार रखा गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना के रखरखाव और मूल्य नियंत्रण (बाजार नियंत्रण) को प्रभावी बनाने के लिए खालसा भूमि को बड़े पैमाने पर जागीर में बदल दिया और 'दीवान-ए-कोहरी' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि का असफल प्रयोग किया और कृषि में सुधार लाने के लिए 'दीवान-ए-कोही' (कृषि विभाग) की स्थापना की तथा किसानों को तकावी (सोंधार) नामक कृषि ऋण प्रदान किए।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगाया और सिंचाई व्यवस्था को सुधारने के लिए अनेक नहरों का निर्माण कराया, जिनमें से सबसे लंबी नहर यमुना से हिसार तक निकाली गई थी।
4. इल्तुतमिश ने सल्तनत कालीन अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करने के लिए शुद्ध अरबी सिक्के—चांदी का टंका और तांबे का जीतल—चलाए तथा 'इकता प्रणाली' को संस्थागत रूप दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह का दमन और कश्मीरी गेट पर अधिकार
2. कॉलिन कैंपबेल — लखनऊ में विद्रोह का दमन और राहत अभियान
3. जेम्स आउट्राम — कानपुर में विद्रोह का पूर्ण दमन एवं नेतृत्व
4. ह्यूरोज — झाँसी और ग्वालियर में विद्रोह का दमन
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और उसके विरोध में उपजे स्वदेशी आंदोलन के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं एवं संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय को औपचारिक रूप से लागू करने से पूर्व, 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में 'बहिष्कार प्रस्ताव' स्वीकृत किया गया, जिससे स्वदेशी आंदोलन का औपचारिक सूत्रपात हुआ।
2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में क्रूर शासकीय दमन के बीच कलकत्ता में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना नवंबर 1905 में की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी और साहित्यिक शिक्षा को राष्ट्रीय नियंत्रण के तहत प्रदान करना था।
3. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को केवल बंगाल तक ही सीमित रखने या पूरे देश में विस्तारित करने के मतभेद को लेकर वर्ष 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन में नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच खुले तौर पर हिंसक झड़प हुई, जिसके परिणामस्वरूप उसी अधिवेशन में कांग्रेस का औपचारिक विभाजन हो गया था।
4. आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ पारंपरिक मेलों, लोकगीतों और आत्म-शक्ति (Atmashakti) के विचार का व्यापक प्रसार किया गया, जिसमें अश्विनी कुमार दत्त द्वारा गठित 'स्वदेश बांधव समिति' ने ग्रामीण स्तर पर जन-जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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