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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'लॉरेंस कोहलबर्ग' (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाली 'सार्वजनिक नीति एवं विवेक की अवस्था' (Universal Ethical Principle Orientation) की निम्नलिखित में से कौन सी सबसे सटीक और मुख्य विशेषता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के तीसरे और अंतिम स्तर यानी 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत दो अवस्थाएँ आती हैं: सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास और सार्वभौमिक नीति एवं विवेक की अवस्था (Universal Ethical Principle Orientation)। अंतिम और उच्चतम अवस्था (छठी अवस्था) में व्यक्ति बाहरी सामाजिक कानूनों या दंड के भय से परे हटकर अपने स्वयं के विवेक और न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे मानव अधिकार, समानता, और गरिमा) द्वारा निर्देशित होता है, भले ही वे नियम कभी-कभी मौजूदा कानूनों या समाज के विरुद्ध क्यों न हों।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और स्थापत्य कला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संतान की लंबी आयु और मंगल कामना के लिए 'अहोई अष्टमी' के अवसर पर दीवार पर बनाए जाने वाले भित्ति चित्रों (Wall Paintings) को 'सأنjhi' (सांझी) कला कहा जाता है, जो मुख्य रूप से गाय के गोबर और रंगों से उकेरी जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में मनाए जाने वाले 'सांझी उत्सव' के दौरान मंदिरों और घरों के फर्श पर विभिन्न प्रकार के फूलों, पत्तियों और रंगों का उपयोग करके जटिल व सुंदर ज्यामितीय व धार्मिक आकृतियाँ बनाई जाती हैं, जिसका संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से है।
3. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र की कैमूर पहाड़ियों की गुफाओं में पाए जाने वाले प्रागैतिहासिक शैलचित्रों (Rock Paintings) में मुख्य रूप से शिकार, नृत्य और मानव जीवन के आरंभिक दृश्यों का अंकन किया गया है, जिन्हें गेरुआ (Red Ochre) और अन्य प्राकृतिक रंगों से बनाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समवर्ती सूची की अवधारणा को भारतीय संविधान में ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, जिस पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं।
2. यदि समवर्ती सूची के किसी विषय पर संसद द्वारा बनाया गया कानून और राज्य विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून एक-दूसरे के विपरीत या असहमत हैं, तो ऐसे मामले में संसद द्वारा निर्मित कानून ही सर्वोपरि होगा, सिवाय उस स्थिति के जब राज्य के कानून को राष्ट्रपति की विशेष अनुमति प्राप्त हो चुकी हो।
3. मूल संविधान में समवर्ती सूची के अंतर्गत कुल 47 विषय रखे गए थे, जिन्हें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा बढ़ाकर 52 कर दिया गया, और इसी संशोधन के तहत शिक्षा, वन, और वन्यजीवों व पक्षियों का संरक्षण जैसे विषयों को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में बोली जाने वाली प्रमुख बोलियों तथा उनके मुख्य क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. भोजपुरी - गोरखपुर, बलिया, वाराणसी और गाजीपुर। 2. अवधी - लखनऊ, फैजाबाद, सुल्तानपुर और जौनपुर। 3. मैथिली - देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज। उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के खनिजों और उद्योग के संदर्भ में, राज्य के किस जनपद में 'नारनौल' और 'कजराहा' क्षेत्र मुख्य रूप से 'डाइस्पोर' (Diaspore) खनिज के लिए जाने जाते हैं तथा उत्तर प्रदेश भारत के कुल डाइस्पोर उत्पादन में किस स्थान पर आता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थानीय मौसमी परिघटनाओं और कृषि से जुड़ी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान दोपहर के समय तीव्र गति से चलने वाली गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को 'लू' (Loo) कहा जाता है, जिनका संबंध मुख्य रूप से थार मरुस्थल से आने वाली उष्ण धाराओं से होता है।
2. उत्तर प्रदेश के पूर्वी मैदानी एवं तराई क्षेत्रों में मानसून के आगमन से ठीक पूर्व (मई-जून के महीनों में) होने वाली हल्की बौछारों को स्थानीय भाषा में 'नॉर्वेस्टर' या 'काल बैसाखी' कहा जाता है, जो धान की नर्सरी की बुवाई और आम की फसल के लिए अत्यधिक लाभकारी होती हैं।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र में ग्रीष्मकाल के दौरान अत्यधिक तापमान और जल की कमी के कारण सभी प्रकार की वनस्पतियां पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं और यहाँ केवल उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन ही पाए जाते हैं जो कभी अपनी पत्तियाँ नहीं गिराते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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