त्वरित लिंक्स
UPTET
7 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'लैविए वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के न्यूरो-कॉग्निटिव और शैक्षणिक संदर्भ में, वायगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं के न्यूरोलॉजिकल आधार तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (कार्यकारी कार्य और रणनीतिक योजना), 'Broca's and Wernicke's Areas' (सामाजिक भाषा और आंतरिक भाषण - Inner Speech का विकास), तथा 'Mirror Neuron System' (दूसरों के व्यवहार और सांस्कृतिक उपकरणों का अवलोकन कर अनुकरण व आंतरिककरण) के बीच सहयोगात्मक तंत्रिका तंत्र एकीकरण (Neural Integration), कॉर्टिकल प्लास्टिसिटी, तथा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 'सहयोगात्मक शिक्षण' (Collaborative Learning) और 'सांस्कृतिक-ऐतिहासिक संज्ञानात्मक विकास' (Cultural-Historical Cognitive Development) के संवर्धन में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लैविए वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के माध्यम से होता है। ZPD (वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर) और मचान (Scaffolding - कुशल वयस्क या सहकर्मी द्वारा दी जाने वाली अस्थायी सहायता) के न्यूरो-कॉग्निटिव स्तर पर, मस्तिष्क के भाषा केंद्र (Broca और Wernicke क्षेत्र) और मिरर न्यूरॉन सिस्टम (मूर्त अनुकरण और सामाजिक अंतःक्रिया के लिए उत्तरदायी) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चा पहले सामाजिक भाषण (Social Speech) का उपयोग करता है, फिर इसे 'निजी भाषण' (Private Speech) बनाता है, और अंततः इसे 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के रूप में अपने संज्ञानात्मक ढांचे में समाहित (Internalization) कर लेता है। यह प्रक्रिया प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के कार्यकारी कार्यों को नियंत्रित करने में मदद करती है। अतः विकल्प (b) इस जटिल मनोवैज्ञानिक, न्यूरोलॉजिकल और शैक्षणिक संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त और सत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रक्रिया और शिक्षण तकनीकें' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) तथा 'संज्ञानात्मक विकास के तीन चरणों' (Enactive, Iconic, और Symbolic Representation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विजुअल कॉर्टेक्स' (Visual Cortex), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी-प्रेरक एकीकरण, दृश्य-स्थानिक कोडिंग, और अमूर्त प्रतीकात्मक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड असुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम एवं एडवांस ऑर्गेनाइज़र मॉडल' (Meaningful Verbal Learning & Advanced Organizer Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निफाइड ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognified Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सर्जनात्मक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक संरचना (Schema) के निर्माण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन तथा उत्तर प्रदेश के इतिहास के संदर्भ में, वर्ष 1925 में हुए प्रसिद्ध 'काकोरी ट्रेन एक्शन' (Kakori Train Action) के क्रांतिकारियों का बचाव करने के लिए गठित मुख्य कानूनी सहायता समिति के अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन थे?
→
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और नदी प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएं मूलतः काली मिट्टी के समान होती हैं जो नमी बनाए रखती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के भावर और तराई क्षेत्रों में नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत का जमाव करके उपजाऊ भूभाग का निर्माण करती हैं, जहाँ तराई क्षेत्र में महीन जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
3. उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, रामगंगा और गोमती सभी हिमालयी नदियाँ हैं जो सदाबहार रूप से बहती हैं और इनमें कभी भी ग्रीष्मकाल में जलस्तर में कमी नहीं आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश की मृदाओं और उनके क्षेत्रीय वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाट' (Bhat) मृदाओं में से 'मार' मृदा एक चिकनी, काले रंग की अत्यंत उपजाऊ मिट्टी है, जो नमी सोखने पर अत्यधिक चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'भाट' मृदा मूल रूप से चूनरयुक्त और हल्की दोमट मृदा है, जो गन्ने और धान की कृषि के लिए बहुत उपयुक्त मानी जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली प्राचीन जलोढ़ मृदा को 'बांगर' (Bangar) कहा जाता है, जिसमें कैल्सियम कार्बोनेट की ग्रंथियाँ (कंकड़) पाई जाती हैं और यह खादर मृदा की तुलना में कम उपजाऊ होती है क्योंकि यहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ का नया जल नहीं पहुँच पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, भौगोलिक और प्रशासनिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद)।
2. उत्तर प्रदेश की सीमाएं कुल 8 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) से लगती हैं, जबकि इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा केवल एक देश 'नेपाल' के साथ उत्तर-पूर्व दिशा में साझा होती है।
3. राज्य में 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र' (NCR) के अंतर्गत कुल 8 जिले शामिल हैं (मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली), जो दिल्ली के समीप प्रशासनिक और आर्थिक रूप से जुड़े हुए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.