BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
3 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखाओं वाले क्रमादेशित अनुदेशन सिद्धांत' (Branching Programmed Instruction Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'आंतरिक निदान और उपचारात्मक शाखाएं' (Intrinsic Programming / Remedial Branching)**—जिसे एक ऐसी सुधारात्मक प्रणाली के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ मुख्य पाठ्य सामग्री के दौरान शिक्षार्थी की त्रुटियों या गलत उत्तरों के आधार पर उसे स्वतः ही तुरंत विशिष्ट उपचारात्मक अनुभागों या शाखाओं (Remedial Sub-routines) की ओर भेज दिया जाता है, ताकि वह मुख्य धारा में लौटने से पहले अपनी वैचारिक त्रुटियों को स्वतंत्र रूप से सुधार सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-गतिशील अधिगम (Self-paced Learning), व्यक्तिगत भिन्नताओं के समायोजन और तात्कालिक पुनर्भरण (Immediate Feedback) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

नॉर्मन क्राउडर द्वारा प्रतिपादित 'शाखाओं वाले क्रमादेशित अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) में आंतरिक निदान और उपचारात्मक शाखाओं (Remedial Branching) का विशेष महत्व है। यह सिद्धांत इस मान्यता पर आधारित है कि प्रत्येक शिक्षार्थी की गति और सीखने की शैली अलग होती है (व्यक्तिगत भिन्नताएं)। जब शिक्षार्थी किसी बहुविकल्पीय प्रश्न का गलत उत्तर देता है, तो सिस्टम स्वतः उसकी त्रुटि का निदान करके उसे एक विशेष उपचारात्मक अनुभाग (Branch) में भेज देता है जहाँ वह उस अवधारणा को दोबारा समझता है और फिर मुख्य धारा में लौटता है। यह विद्यार्थियों में स्व-गतिशील अधिगम और तात्कालिक पुनर्भरण को सुनिश्चित करता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत जीवों, पौधों, प्राकृतिक पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र और उनकी सूक्ष्म विशेषताओं को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ संवेदनशीलता से जुड़ने की उच्च क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक क्षेत्र-अध्ययन (Field Studies), पर्यावरणीय संचेतना और पारिस्थितिकीय अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित अधिगम के आठ प्रकारों—जिज्ञासा से लेकर समस्या-समाधान तक—में से 'नियम अधिगम' (Rule Learning) तथा 'संप्रत्यय अधिगम' (Concept Learning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशलों के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसे किसी शिक्षार्थी के वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो वह बिना किसी सहायता के अकेले कर सकता है) और उसके संभावित विकासात्मक स्तर (जो वह किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के मार्गदर्शन या सहयोग से कर सकता है) के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम, मचान (Scaffolding) और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, आईवान पाव्लोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अस्वाभाविक उद्दीपक (Conditioned Stimulus) और स्वाभाविक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के साहचर्य की प्रक्रिया में 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization), 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning), और 'प्रायोगिक विलोपन' (Experimental Extinction) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक संकल्पनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन कक्षा-कक्षीय शिक्षण और अधिगम वातावरण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'आंशिक पुनर्बलन अनुसूची' (Partial / Intermittent Reinforcement Schedule)**—जिसे एक ऐसी सुदृढ़ीकरण प्रणाली के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ सभी सही अनुक्रियाओं के बाद पुनर्बलन देने के विपरीत, प्रतिक्रियाओं को केवल कभी-कभार या एक निश्चित/अनिश्चित अंतराल या अनुपात के बाद ही पुरस्कृत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यवहार के स्थायित्व, विलोपन के प्रति उच्च प्रतिरोध (Resistance to Extinction) और दीर्घकालिक आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.