त्वरित लिंक्स
MPTET
5 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage)** की एक अत्यंत विशिष्ट और महत्वपूर्ण सीमा—**'अहमकेन्द्रिता या आत्मकेन्द्रिता' (Egocentrism)**—जिसके तहत बच्चा यह मान लेता है कि दूसरे लोग भी दुनिया को ठीक वैसे ही देखते, महसूस करते और सुनते हैं जैसे वह खुद देखता है, और वह अन्य व्यक्तियों के दृष्टिकोण (Perspective-taking) को समझने में असमर्थ होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक संज्ञान, विकेंद्रीकरण (Decentration) की प्रक्रिया और संवादात्मक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, लगभग 2 से 7 वर्ष की आयु (पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था) के बच्चों में 'अहमकेन्द्रिता' (Egocentrism) पाई जाती है, जिसका अर्थ है कि बच्चा केवल अपने दृष्टिकोण से दुनिया को देखता है और दूसरों के परिप्रेक्ष्य को समझने में असमर्थ होता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में, एक शिक्षक को यह समझना चाहिए कि यह विकासात्मक अवस्था स्वाभाविक है। इस सीमा को दूर करने और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को सहयोगात्मक शिक्षण, रोल-प्ले (Role-play), समूह गतिविधियों और संवाद के अवसर प्रदान करने चाहिए, जिससे बच्चे अन्य सहपाठियों के दृष्टिकोण को समझ सकें। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms) के विशेष प्रकार 'प्रक्षेपण' (Projection) की अवधारणा—जिसके तहत कोई व्यक्ति अपनी अस्वीकार्य इच्छाओं, आवेगों, अनैतिक विचारों या कुंठाओं की आंतरिक वेदना और अपराधबोध से बचने के लिए अचेतन रूप से उन्हें स्वयं में स्वीकार करने के बजाय अन्य व्यक्तियों या बाहरी पर्यावरण पर थोप देता है या उन पर आरोपित कर देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, आत्म-रक्षात्मक व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च अधिगम प्रकार—अर्थात 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—तथा उससे ठीक पूर्ववर्ती अधिगम के प्रकार 'सिद्धांत अधिगम' (Rule Learning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक योग्यताओं, तार्किक विश्लेषण, और जटिल मानसिक नियमों के अनुप्रयोग के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी आंतरिक रूप से नियमों, सिद्धांतों और संकल्पनाओं का उपयोग करके एक नई और जटिल स्थिति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए संज्ञानात्मक रणनीतियों और चिंतन का उच्च-स्तरीय प्रयोग करता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक संश्लेषण, और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) जिसे 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) भी कहा जाता है, के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी सर्वोच्च क्षमताओं, व्यक्तिगत संभावनाओं, सृजनात्मकता और आंतरिक विकास के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है, जो कि पदानुक्रम में शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की निम्न-स्तरीय आवश्यकताओं के संतोषजनक पूर्ति के बाद ही संभव होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक अभिप्रेरण और सार्थक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि या इंट्रापर पर्सनल इंटेलिजेंस' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपने स्वयं के आंतरिक भावनाओं, इच्छाओं, प्रेरणाओं, शक्तियों, कमजोरियों और जीवन के उद्देश्यों को गहराई से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और अपने व्यवहार को तदनुसार विनियमित करने में अत्यधिक कुशल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-जागरूकता (Self-Awareness), भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation) और मेटाकॉग्निटिव कौशलों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.