त्वरित लिंक्स
MPTET
5 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer)** की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नए ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त शिक्षण सहायक सामग्री (Introductory Material) शिक्षार्थी को प्रदान की जाती है, जो उसके पूर्व-ज्ञान (Cognitive Structure) और नवीन जानकारी के बीच एक वैचारिक सेतु का कार्य करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा (Schema) के सुदृढ़ीकरण, तार्किक अवबोध और दीर्घकालिक अर्थपूर्ण अधिगम (Meaningful Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल का 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' संज्ञानात्मक दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) का मुख्य कार्य शिक्षार्थी के मस्तिष्क में पहले से मौजूद संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure या Schema) और नए आने वाले ज्ञान के बीच 'पुल' का निर्माण करना है। जब कोई शिक्षक मुख्य पाठ पढ़ाने से पहले एक व्यापक, उच्च-स्तरीय रूपरेखा या अवधारणा प्रस्तुत करता है, तो विद्यार्थी अपनी पूर्व-धारणाओं के साथ नई जानकारी को 'समाहित' (Subsumption) कर पाता है। इससे रटने (Rote Learning) के बजाय 'अर्थपूर्ण अधिगम' (Meaningful Learning) को बढ़ावा मिलता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—**'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement)**—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ किसी अवांछित या कष्टदायक उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित अनुक्रिया या व्यवहार की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहारों के संवर्धन, प्रेरणा प्रबंधन और तनाव मुक्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण या पाटन' (Scaffolding) की संकल्पनाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'स्वतः नियमन' (Self-Regulation) और 'निजी भाषण' (Private Speech) के विकास में इनके अंतर्संबंध के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रम' (Conditions of Learning) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित उच्चतम स्तर के अधिगम यानी 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित सिद्धांतों, नियमों और कौशलों का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति या समस्या का तार्किक, विश्लेषणात्मक और सृजनात्मक समाधान खोजता है तथा एक नया आंतरिक नियम या सिद्धांत निर्मित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, तार्किक चिंतन और स्वतंत्र ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मूर्त अनुभव से सक्रिय प्रयोग तक की प्रक्रिया' (Concrete Experience to Active Experimentation)**—जिसे उस चक्रीय अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी पहले किसी नई परिस्थिति का प्रत्यक्ष या मूर्त अनुभव (Concrete Experience) करता है, फिर उसका चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात उस अनुभव से अमूर्त अवधारणाओं और सामान्यीकरण का निर्माण (Abstract Conceptualization) करता है, और अंत में नए ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ, संक्रियात्मक चिंतन और समस्या-समाधान कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा के सिद्धांत' (Theory of Humanistic Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी पूर्ण आंतरिक क्षमताओं, प्रतिभाओं और सृजनात्मकता का पूरी तरह से विकास करने तथा अपनी चरम सीमा तक पहुँचने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक प्रेरणा और सर्वोच्च मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.