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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism)** की अवधारणा—जिसके तहत किसी व्यक्ति का व्यवहार (Behavior), उसकी आंतरिक व्यक्तिगत और संज्ञानात्मक प्रक्रियाएं (Person/Cognitive Factors), और उसका बाहरी पर्यावरणीय प्रभाव (Environment) एक-दूसरे को लगातार और त्रिपक्षीय (Triadic) रूप से प्रभावित करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), अवलोकनजन्य अधिगम और सकारात्मक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत में 'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism) यह रेखांकित करता है कि व्यवहार (Behavior), पर्यावरण (Environment), और व्यक्तिगत/संज्ञानात्मक कारक (Person/Cognitive Factors) एक-दूसरे पर परस्पर प्रभाव डालते हैं। इसका अर्थ है कि न तो केवल पर्यावरण व्यक्ति को निर्धारित करता है और न ही व्यक्ति पूरी तरह पर्यावरण से नियंत्रित होता है; बल्कि दोनों और उनका व्यवहार एक निरंतर अंतःक्रियात्मक पाश (Interactive Loop) में कार्य करते हैं। MPTET परीक्षा के दृष्टिकोण से यह प्रश्न विद्यार्थियों के स्व-नियमन और सक्रिय संज्ञानात्मक सहभागिता को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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