त्वरित लिंक्स
MPTET
5 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध या नैमित्तिक अनुकूलन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शaping या आकृतिकरण' (Shaping / Method of Successive Approximations) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल, नवीन या अवांछित व्यवहार को क्रमिक रूप से छोटे-छोटे चरणों में विभाजित करके अंतिम लक्ष्य व्यवहार तक पहुँचाया जाता है, जहाँ प्रत्येक क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximation) पर सकारात्मक पुनर्बलन प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के विकास, व्यवहार संशोधन और अनुक्रमित अनुदेशन (Programmed Instruction) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांत में 'आकृतिकरण' (Shaping) या क्रमिक सन्निकटन की विधि का विशेष महत्व है। जब कोई जटिल या नया व्यवहार सीधे तौर पर नहीं सीखा जा सकता, तब उस व्यवहार के लक्ष्य तक पहुँचने वाले छोटे-छोटे प्रारंभिक चरणों (Successive Approximations) को पहचाना जाता है और प्रत्येक चरण के पूरा होने पर सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement) दिया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में, विशेषकर विशेष शिक्षा, कौशल विकास और अनुक्रमित अनुदेशन (Programmed Instruction) में, यह तकनीक विद्यार्थियों में जटिल शिक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्यंत वैज्ञानिक और प्रभावी मानी जाती है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य अधिगम नियमों—'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise), और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—तथा उनके गौण (सहायक) नियमों के तार्किक अनुप्रयोग एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'संतोष और असंतोष के नियम' (Law of Satisfaction and Discomfort) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपनी स्वयं की आंतरिक भावनाओं, प्रेरणाओं, इच्छाओं, शक्तियों, सीमाओं और मानसिक अवस्थाओं को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और अपने जीवन को तदनुसार निर्देशित करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-नियमन (Self-Regulation), metacognition और व्यक्तिगत तन्मयता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights)**—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-Conventional Level) की पाँचवीं अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने लगता है कि कानून और नियम पूर्ण या कठोर नहीं हैं, बल्कि वे समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे लोकतांत्रिक और तार्किक तरीकों से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning), लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायोचित चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) तथा 'असुरक्षित-चिंतित/प्रतिरोधी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), साथियों के साथ सामाजिक अंतःक्रिया, और विद्यालयी वातावरण में अलगाव की चिंता (Separation Anxiety) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding), और 'संज्ञानात्मक विकास में सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools in Cognitive Development) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'सहयोगात्मक समस्या-समाधान' (Collaborative Problem Solving) तथा 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.