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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) और बाद में आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित एवं दो-स्तरीय मॉडल' (Level I and Level II Intelligence Model) के अंतर्गत—जहाँ लेवल I (Level I) साहचर्य अधिगम (Associative Learning) को संदर्भित करता है जिसमें अल्पकालिक स्मृति, रटकर याद रखना और अनुवर्ती अनुक्रियाएँ शामिल होती हैं, तथा लेवल II (Level II) संज्ञानात्मक और वैचारिक कौशल (Cognitive and Conceptual Skills) को संदर्भित करता है जिसमें अमूर्त चिंतन, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और उच्च-स्तरीय प्रतीकात्मक प्रसंस्करण सम्मिलित होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की विभिन्न बौद्धिक क्षमताओं, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और संज्ञानात्मक पदानुक्रम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

आर्थर जेन्सेन ने बुद्धि को दो स्तरों—लेवल I (साहचर्य अधिगम: स्मृति, अनुकरण, रटना) और लेवल II (संज्ञानात्मक-वैचारिक योग्यता: अमूर्त चिंतन, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान)—में वर्गीकृत किया है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण और मनोवैज्ञानिक निहितार्थों के दृष्टिकोण से, एक शिक्षक को यह समझना आवश्यक है कि विद्यार्थियों में इन दोनों स्तरों की क्षमताएं भिन्न हो सकती हैं। अतः शिक्षकों को विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) का प्रयोग करना चाहिए ताकि छात्र सरल साहचर्य अधिगम से आगे बढ़कर उच्च-स्तरीय अमूर्त और तार्किक चिंतन (लेवल II) की ओर सफलतापूर्वक अग्रसर हो सकें।
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