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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा वस्तुओं या अनुभवों को मानसिक रूप से प्रस्तुत करने के लिए अमूर्त प्रतीकों, भाषा, गणितीय चिह्नों और कोड का उपयोग करना सीख जाता है, जो ब्रूनर की त्रि-स्तरीय विकासात्मक प्रणाली (क्रियात्मक, प्रतिबिम्बात्मक और प्रतीकात्मक) का अंतिम और सबसे उच्च तथा अमूर्त चरण है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त चिंतन, तार्किक अभिव्यक्ति और सैद्धांतिक संकल्पनाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, विकास की तीन अवस्थाएँ होती हैं: 1. क्रियात्मक अवस्था (Enactive Stage - कर्मों द्वारा सीखना), 2. प्रतिबिम्बात्मक अवस्था (Iconic Stage - छवियों और दृश्यों द्वारा सीखना), और 3. प्रतीकात्मक अवस्था (Symbolic Stage - भाषा, प्रतीकों और अमूर्त विचारों द्वारा सीखना)। प्रतीकात्मक अवस्था में बच्चा अमूर्त चिंतन, तार्किक विश्लेषण और भाषा का उपयोग करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है। अतः विकल्प (c) इस अवधारणा का सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
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