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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शaping' (आकृति-निर्माण या क्रमिक सन्निकटन विधि - Shaping) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल, वांछित और नए व्यवहार को प्राप्त करने के लिए प्राणी के क्रमिक और निकटवर्ती approximations (सन्निकटन) कदमों को लगातार सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) प्रदान किया जाता है जब तक कि वह अंतिम और जटिल लक्ष्य व्यवहार को पूरी तरह से प्रदर्शित न करने लगे—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के विशिष्ट कौशलों के विकास, सुधारात्मक शिक्षण और व्यवहार संशोधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से बी. एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'Shaping' (आकृति-निर्माण या क्रमिक सन्निकटन) स्किनर द्वारा दी गई एक ऐसी शिक्षण तकनीकी है जिसमें एक साथ किसी जटिल व्यवहार की अपेक्षा न करके, लक्ष्य की दिशा में बढ़ने वाले छोटे-छोटे क्रमिक सुधारों (Successive Approximations) को सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) दिया जाता है। कक्षा-शिक्षण में कठिन विषयों, नए कौशलों और सुधारात्मक शिक्षण के दौरान छात्रों के व्यवहार को परिष्कृत करने के लिए यह विधि अत्यधिक वैज्ञानिक और प्रभावी मानी जाती है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach to Education) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुविधाजनक शिक्षण' (Facilitative Learning) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों के अनुसार, एक शिक्षक की भूमिका 'प्रसारक' या 'ज्ञाता' के स्थान पर 'सुविधाप्रदाता' (Facilitator) के रूप में होती है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन रोजर्स के अनुभवात्मक अधिगम की मूल भावना और बाल-केन्द्रित शिक्षा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach to Education) के अंतर्गत प्रतिपादित **'सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator)** और **'स्वायत्त अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षक ज्ञान का एक सत्तावादी प्रेषक न बनकर एक ऐसा सहायक या सुगमकर्ता होता है जो कक्षा में एक मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित, गैर-न्यायसंगत और सहानुभूतिपूर्ण वातावरण (Empathetic Environment) का निर्माण करता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी आंतरिक प्रेरणा और आत्म-बोध के आधार पर स्वयं अपने अनुभवों से सार्थक ज्ञान का अर्जन कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-निर्देशित अधिगम (Self-Directed Learning), संवेगात्मक स्वतंत्रता और सकारात्मक आत्म-संकल्पना (Positive Self-Concept) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च और अंतिम संज्ञानात्मक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Rules and Principles) का उपयोग करते हुए किसी बिल्कुल नई, जटिल और अभूतपूर्व समस्या का तार्किक रूप से विश्लेषण कर उसका सफल समाधान ढूंढता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय चिंतन क्षमता, सृजनात्मकता और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' यानी 'आवश्यकताओं के पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs) के अंतर्गत सर्वोच्च शिखर पर प्रतिपादित **'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी संपूर्ण आंतरिक क्षमताओं, योग्यताओं, रचनात्मकता और असीम संभावनाओं का पूर्ण विकास और सदुपयोग करते हुए उस सर्वोच्च अवस्था को प्राप्त कर लेता है जो वह बनने की वास्तविक क्षमता रखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक विकास, स्व-निर्देशित अधिगम और समग्र मानवीय उत्कृष्टता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के संबंधवाद सिद्धांत' (Connectionism Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा उनके गौण नियमों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'प्रयास एवं त्रुटि' (Trial and Error) द्वारा अधिगम, संतोष और असंतोष के संवेगों के नियंत्रण तथा उनके माध्यम से वैज्ञानिक एवं स्थायी आदत निर्माण के प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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