त्वरित लिंक्स
MPTET
4 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advanced Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत किसी नवीन, जटिल और विस्तृत विषय-वस्तु को पढ़ाने से पहले छात्रों के सामने एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त परिचयात्मक सामग्री प्रस्तुत की जाती है जो उनके संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों और ज्ञान के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने या 'पुल का काम' करने का कार्य करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के विस्तार, तार्किक अवबोध और दीर्घकालिक स्मरण शक्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, डेविड औसुबेल का 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) इस बात पर जोर देता है कि ज्ञान का अर्जन तब सबसे प्रभावी होता है जब नई जानकारी को शिक्षार्थी के पूर्व-ज्ञान से तार्किक रूप से जोड़ा जाए। 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advanced Organizer) इसी उद्देश्य के लिए डिज़ाइन किए गए उच्च-स्तरीय परिचयात्मक उपकरण हैं। ये छात्रों के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक स्कीमा और नए संप्रत्ययों के बीच एक संज्ञानात्मक सेतु का काम करते हैं, जिससे 'समासमीकरण' (Assimilation) की प्रक्रिया सुगम होती है और रटने की प्रवृत्ति कम होकर अर्थपूर्ण तथा दीर्घकालिक अधिगम सुनिश्चित होता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की एक अति महत्वपूर्ण मानसिक विशेषता के रूप में वर्णित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी पूर्ववर्ती सीमा (केंद्रीकरण या Centration) से ऊपर उठकर एक साथ कई आयामों, दृष्टियों और पक्षों पर एक साथ विचार करने की योग्यता हासिल कर लेता है तथा 'संरक्षण' (Conservation) और 'वर्गीकरण' (Classification) जैसे तार्किक मानसिक कौशल सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक बहु-आयामी चिंतन, अनुभव-आधारित समस्या-समाधान और वैचारिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानववादी मनोविज्ञान' (Humanistic Psychology) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपने अनुभवों के प्रति खुलापन, अस्तित्वगत जीना (Existential Living), अपने जीव पर भरोसा रखना, अनुभवात्मक स्वतंत्रता और रचनात्मकता जैसे लक्षणों का प्रदर्शन करते हुए अपनी पूरी मनोवैज्ञानिक क्षमता को आत्मसात करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-स्वीकार, आंतरिक अभिप्रेरणा और भय-मुक्त वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytical Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की तीन संरचनात्मक प्रणालियों—(1) इड (Id), (2) अहम् (Ego), और (3) पराहम् (Superego)—तथा 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms, विशेष रूप से 'उर्ध्वपातन' अर्थात् Sublimation और 'प्रक्षेपण' अर्थात् Projection) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस (Frustration Tolerance), और नैदानिक मार्गदर्शन (Clinical Guidance) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता—'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'संयोजकता चिंतन' (Combinatorial Thinking)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक चिंतन, अमूर्त समस्याओं के समाधान, और बहु-चरणीय परिकल्पनाओं के परीक्षण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) की अवधारणा—जिसके तहत शिशु अपने प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक सुरक्षित आधार (Secure Base) के रूप में उपयोग करता है, देखभालकर्ता की अनुपस्थिति में थोड़ी चिंता या संकट का अनुभव करता है परंतु उसकी वापसी पर अत्यधिक प्रसन्नता और सहजता से शांत होकर पुनः अन्वेषण (Exploration) में लग जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन, सामाजिक विश्वास और स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.