BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
5 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोज अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा या शिक्षार्थी वस्तुओं या क्रियाओं के बजाय अमूर्त प्रतीकों, भाषा, तार्किक संकेतों और गणितीय सूत्रों के माध्यम से ज्ञान को ग्रहण करता है और उसका मानसिक प्रतिनिधित्व (Mental Representation) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय अमूर्त चिंतन, भाषा-आधारित संप्रेषण और तार्किक संप्रत्यय निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, विकास तीन अवस्थाओं से होकर गुजरता है: अधिनियमित (Enactive - क्रियाओं द्वारा), दृश्यात्मक (Iconic - छवियों द्वारा), और प्रतीकात्मक (Symbolic - भाषा और प्रतीकों द्वारा)। 'प्रतीकात्मक अवस्था' में शिक्षार्थी भाषा, गणितीय संकेतों और अमूर्त विचारों का उपयोग करके ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। यह अवस्था अमूर्त चिंतन, तार्किक प्रस्तावों के विश्लेषण और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। विकल्प (b) इस अवधारणा के वैज्ञानिक निहितार्थों और कक्षा-कक्षीय प्रासंगिकता का सबसे सटीक वर्णन करता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हर्बर्ट गार्डनर (Howard Gardner) अथवा डेविड पर्किंस (David Perkins) की 'वितरित बुद्धि' (Distributed Intelligence / Cognition in the Wild) तथा एडविन हचिंस (Edwin Hutchins) के विचारों पर आधारित 'वितरित संज्ञान' (Distributed Cognition) की अवधारणा—जिसके तहत संज्ञान केवल मस्तिष्क के भीतर सीमित न रहकर व्यक्तियों, सांस्कृतिक उपकरणों, भौतिक माध्यमों और सामाजिक अंतःक्रियाओं के बीच वितरित (Distributed across persons, environment, and tools) होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, डिजिटल/तकनीकी साधनों के उपयोग, और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम परिवेश के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कुर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'जीवन स्पेस या जीवन क्षेत्र' (Life Space)**—जिसे उस कुल मनोवैज्ञानिक परिवेश या क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें किसी विशिष्ट समय पर व्यक्ति और उसका मनोवैज्ञानिक वातावरण (Psychological Environment) अंतःक्रिया करते हैं (जहाँ $B = f(P, E)$ अर्थात व्यवहार व्यक्ति और उसके पर्यावरण का फलन है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यवहारगत परिवर्तन, प्रेरणा और संज्ञानात्मक पुनर्विन्यास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) तथा 'मचान या पाड़ (Scaffolding)' की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक संज्ञानात्मक प्रणालियों के विकास, सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) के आंतरिकरण (Internalization), और सहयोगात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-conventional Level) के भीतर आने वाली **'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights)** अवस्था—जिसके तहत व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, और यदि कोई नियम मानवाधिकारों, न्याय या समाज के कल्याण के प्रतिकूल हो, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तार्किकता, लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास और आलोचनात्मक विवेक के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन पाठ को पढ़ाने से पहले छात्रों के संज्ञान में मौजूद पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने और जोड़ने के लिए एक उच्च-स्तरीय, अमूर्त और व्यापक परिचयात्मक सामग्री या ढांचा प्रस्तुत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, संज्ञानात्मक संरचना और तार्किक समावेश के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.