BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
5 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant / Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम में न केवल ज्ञान का संज्ञानात्मक अर्जन बल्कि व्यक्ति की संपूर्णता (संपूर्ण व्यक्तित्व, भावनाएं, और व्यवहार) का समावेश होता है तथा जो तब सबसे अधिक प्रभावी होता है जब शिक्षार्थी स्वयं अपनी इच्छा से सीखता है और अध्ययन विषय को उसकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं व आकांशाओं से सीधे तौर पर संबंधित पाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के छात्र-केंद्रित वातावरण, आत्म-निर्देशित अध्ययन (Self-directed Learning), और भावनात्मक जुड़ाव के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) का मानवतावादी और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि शिक्षा छात्र-केंद्रित होनी चाहिए। 'सार्थक अधिगम' (Significant Learning) में ज्ञान के साथ-साथ छात्र की भावनाएं और व्यक्तिगत इच्छाएं जुड़ी होती हैं। इस प्रक्रिया में शिक्षक का मुख्य कार्य ज्ञान को थोपना नहीं, बल्कि एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) के रूप में ऐसा मनोवैज्ञानिक वातावरण तैयार करना है जहाँ छात्र स्वतंत्र रूप से सीख सकें और अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं व अनुभवों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण कर सकें।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना करने वाले तीन प्रमुख घटकों—'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego)—के पारस्परिक गत्यात्मक संबंधों और मानसिक संघर्षों के नियंत्रण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और मनोवैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत मुख्य नियमों (Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक और शिक्षण-शास्त्रीय निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs) के सर्वोच्च स्तर पर स्थित **'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी पूर्ण आंतरिक क्षमताओं, सृजनात्मकता, स्वायत्तता और व्यक्तिगत पोटेंशियल का पूरी तरह से विकास और उपयोग करके अपनी चरम मानवीय संभावनाओं को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, आंतरिक आत्म-पूर्ति और उच्च-स्तरीय बौद्धिक एवं सृजनात्मक अन्वेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage: 2-7 वर्ष) में बालकों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'जीववाद' (Animism) और 'अहमकेन्द्रिता' (Egocentrism) की संकल्पनाओं के बीच क्या मुख्य मनोवैज्ञानिक संबंध है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेन्द्रण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या स्थिति के केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण / Centration) की अपनी पूर्व प्रवृत्ति से ऊपर उठकर उसके एकाधिक आयामों, जैसे कि लंबाई, चौड़ाई और आयतन को एक साथ देखने और तार्किक रूप से विचार करने में सक्षम हो जाता है (जो कि मुख्य रूप से 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' / Concrete Operational Stage की एक प्रमुख विशेषता है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण, और बहु-आयामी चिंतन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.