BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
4 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड पॉसनेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizers) की अवधारणा—जिसके तहत नई अधिगम सामग्री को प्रस्तुत करने से पहले विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक ज्ञान (Existing Anchoring Ideas) के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने के लिए उच्च-स्तरीय अमूर्त और समावेशी प्रस्तावनाओं का उपयोग किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'अवरोही ज्ञान अंतरण' (Deductive Knowledge Transfer), संज्ञानात्मक संरचना के सुदृढ़ीकरण, और अर्थपूर्ण अवधारणात्मक स्पष्टता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के पाठ्यक्रम के अनुसार, डेविड पॉसनेल (David Ausubel) का 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) इस बात पर बल देता है कि अधिगम तब सबसे अधिक प्रभावी होता है जब नई जानकारी को शिक्षार्थी की पहले से मौजूद संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) से तार्किक रूप से जोड़ा जा सके। इस प्रक्रिया में 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizers) परिचयात्मक सामग्रियां होती हैं जो नए ज्ञान को पूर्व ज्ञान से बांधने के लिए एक 'एंकरिंग ब्रिज' का काम करती हैं। यह रटन अधिगम (Rote Learning) के विपरीत अर्थपूर्ण अवबोध को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कैरोल-हॉर्न-कैरोल (CHC) बुद्धि सिद्धांत (Cattell-Horn-Caroll Theory of Cognitive Abilities) के अंतर्गत प्रतिपादित 'द्रव्यमान बुद्धि या द्रव बुद्धि' (Fluid Intelligence - Gf) की अवधारणा—जिसके तहत किसी व्यक्ति की नवीन और अपरिचित समस्याओं को तार्किक रूप से हल करने, अमूर्त संबंधों को समझने, पैटर्न पहचानने और सांस्कृतिक रूप से स्वतंत्र नई परिस्थितियों में तुरंत अनुकूलन करने की जन्मजात क्षमता शामिल होती है, जो औपचारिक स्कूली शिक्षा या पूर्व-ज्ञान पर निर्भर नहीं करती—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक लचीलेपन, आगमनात्मक-निगमनात्मक तर्क और व्यावहारिक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement)—जैसे कि सतत पुनर्बलन (Continuous Reinforcement) बनाम आंशिक/अंतराल एवं आनुपातिक पुनर्बलन (Intermittent/Ratio Schedules)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायित्व (Resistance to Extinction) तथा 'शपिंग' (Shaping) प्रक्रिया के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्रों और पर्यावरणीय पैटर्न को सूक्ष्मता से पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक तालमेल बिठाने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक पर्यावरण बोध, क्षेत्र-आधारित अन्वेषण (Field-based Exploration) और पारिस्थितिक संवेदनशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मानसिक प्रक्रिया—**'समायोजन या समंजन' (Accommodation)**—जिसे उस संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बालक अपने पूर्व-मौजूद मानसिक स्कीमा (Schema) में किसी नई जानकारी, वस्तु या अनुभव के फिट न बैठने पर या तो अपने पुराने स्कीमा में संशोधन करता है या एक नए स्कीमा का निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैचारिक पुनर्गठन, संज्ञानात्मक संघर्ष (Cognitive Conflict) के समाधान और उच्च-स्तरीय अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और मूर्त रूपरेखा या परिचयात्मक सामग्री विद्यार्थियों के सामने रखी जाती है, जिससे शिक्षार्थी अपने पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को संज्ञानात्मक रूप से जोड़ सकें (Cognitive Anchoring)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, अवधारणात्मक स्पष्टता और दीर्घकालिक स्मरण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.