BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
5 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित अधिगम की आठ पदानुक्रमित अवस्थाओं—विशेषकर (1) संप्रत्यय अधिगम (Concept Learning), (2) नियम अधिगम (Rule Learning), और (3) समस्या समाधान (Problem Solving)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल, तार्किक संश्लेषण, और ज्ञान के सार्थक अनुप्रयोग के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

रबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) ने अपनी पुस्तक 'द कंडीशंस ऑफ लर्निंग' (1965) में अधिगम का एक पदानुक्रमित मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें अधिगम को आठ सरल से जटिल अवस्थाओं में विभाजित किया गया है: (1) संकेत अधिगम, (2) उद्दीपन-अनुक्रिया अधिगम, (3) मोटर श्रृंखला, (4) शाब्दिक साहचर्य, (5) विवेद अधिगम, (6) संप्रत्यय अधिगम, (7) नियम अधिगम, और (8) समस्या समाधान। गैग्ने के अनुसार, कोई भी नया और उच्च-स्तरीय अधिगम तब तक प्रभावी ढंग से नहीं हो सकता जब तक कि उससे संबंधित सभी निचली और पूर्व-आवश्यक (prerequisite) अवस्थाओं में दक्षता प्राप्त न कर ली जाए। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में शिक्षकों के लिए यह सिद्धांत अनुदेशनात्मक डिजाइन (Instructional Design) तैयार करते समय अत्यंत उपयोगी है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या ढांचागत सहयोग' (Scaffolding)**—जिसे उस अस्थायी और गतिक शैक्षिक सहायता के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) द्वारा शिक्षार्थी को उसकी 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के भीतर प्रदान की जाती है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य को स्वतंत्र रूप से करने में सक्षम होता जाता है, उस सहायता या ढांचे को धीरे-धीरे हटा लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवादात्मक अधिगम, संज्ञानात्मक स्वायत्तता और समस्या-समाधान क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, आकार या विन्यास (Appearance) में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या भार में कोई परिवर्तन नहीं होता (जैसे कि एक ही मात्रा के पानी को अलग-अलग आकार के गिलासों में डालने पर भी पानी की मात्रा समान रहना)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मूर्त संक्रियात्मक चिंतन (Concrete Operational Thinking), तार्किक विकेंद्रीकरण (Decentration) और reversibility के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement), 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) तथा 'शासकीय पुनर्बलन अनुसूचियां' (Schedules of Reinforcement—जैसे अंतराल और अनुपात अनुसूचियां) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायीकरण, विलोपन नियंत्रण और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Approach & Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential / Significant Learning)**—जिसे उस गहरे और आत्म-निर्देशित अधिगम के रूप में परिभाषित किया जाता है जो तब घटित होता है जब शिक्षार्थी विषय वस्तु को अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं, आकांक्षाओं और समस्याओं से जोड़ता है, जिसमें शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा, स्व-निर्देशित अध्ययन और संवेगात्मक सहभागिता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (General Factor - 'g' factor) तथा 'विशिष्ट बुद्धि' (Specific Factor - 's' factor) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अकादमिक प्रदर्शन, मानसिक ऊर्जा के वितरण, और विशिष्ट कौशल विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.