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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) तथा 'सुविधाजनक शिक्षण' (Facilitative Teaching) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'आत्म-प्रत्यय' (Self-Concept), 'सार्थक एवं स्व-प्रेरित अधिगम' (Self-Initiated Learning), और शिक्षक की एक 'सुविधादाता' (Facilitator) के रूप में भूमिका के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

कार्ल रोजर्स का मानवतावादी अधिगम सिद्धांत (Humanistic Theory of Learning) संज्ञानात्मक और अनुभवात्मक अधिगम के बीच अंतर करता है। रोजर्स के अनुसार, अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) वह है जो प्रकृति में व्यक्तिगत, स्व-प्रेरित (Self-initiated) और समग्र (Holistic) होता है। इसमें विद्यार्थी अपनी पूरी शख्सियत (भावनाओं, संवेगों और बौद्धिक क्षमता) के साथ भाग लेते हैं। इस प्रक्रिया में शिक्षक का मुख्य कार्य ज्ञान थोपना नहीं, बल्कि एक 'सुविधादाता' (Facilitator) बनना है जो ऐसा मनोवैज्ञानिक वातावरण तैयार करे जहाँ छात्र बिना किसी भय या संकोच के स्वतंत्र रूप से सीख सकें। अतः विकल्प (c) इस सिद्धांत का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
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