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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणालियों—(1) इड (Id), (2) ईगो (Ego), और (3) सुपरईगो (Super-ego)—के साथ-साथ 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) जैसे कि दमन (Repression), प्रक्षेपण (Projection), और युक्तिकरण (Rationalization) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन, अनैतिक आवेगों के उदात्तीकरण (Sublimation), और संवेगात्मक संतुलन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'इड' (Id) जन्मजात मानसिक ऊर्जा का भंडार है जो आनंद सिद्धांत पर काम करता है। कक्षा-कक्षीय परिस्थितियों में जब विद्यार्थी अपनी मूल प्रवृत्तियों (आक्रामकता या कामेच्छा) का अनुभव करते हैं, तो शिक्षक का यह दायित्व होता है कि वह 'उदात्तीकरण' (Sublimation) जैसी रक्षा तंत्र विधि का प्रयोग कर इन ऊर्जाओं को समाज-स्वीकार्य और रचनात्मक कार्यों (जैसे खेलकूद, चित्रकला, वाद-विवाद) में परिवर्तित करे। विकल्प (a) इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया की सबसे प्रामाणिक व्याख्या करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त नैतिक तर्क (Autonomous Moral Reasoning), सामाजिक न्याय, और मानवीय अधिकारों के सिद्धांतों के आधार पर व्यक्तिगत अंतरात्मा के अनुपालन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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