BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
6 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली के तीन मूलभूत घटकों—(1) इड (Id), (2) ईगो (Ego), और (3) सुपरईगो (Superego)—के साथ-साथ 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms, जैसे दमन, प्रक्षेपण और युक्तीकरण) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संघर्षों, आंतरिक तनावों, और अनैतिक आवेगों के सामाजिक रूप से स्वीकार्य व्यवहारों में रूपांतरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व तीन घटकों—इड (सुख का सिद्धांत व अचेतन), ईगो (वास्तविकता का सिद्धांत व मध्यस्थ), और सुपरईगो (नैतिकता व आदर्शवादी पक्ष)—से मिलकर बनता है। कक्षा-कक्षीय परिप्रेक्ष्य में, जब शिक्षक विद्यार्थियों के संवेगात्मक संघर्षों और आवेगों को समझते हैं, तो वे 'ईगो' को मजबूत करने तथा रक्षा तंत्रों के सकारात्मक उपयोग (जैसे उदात्तीकरण या सब्लिमेशन) के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक समायोजन और स्व-नियंत्रण को बढ़ावा दे सकते हैं। अतः विकल्प (A) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और सक्रिय शिक्षण पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, सामाजिक अनुभवों, कार्य-योजनाओं (Projects) और समस्याओं के प्रत्यक्ष समाधान के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं, न कि केवल निष्क्रिय रूप से कक्षा में व्याख्यान सुनकर—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल, लोकतांत्रिक मूल्यों और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखीय प्रोग्राम्ड अनुदेशन' (Branching Programmed Instruction) या 'अन्वेषी अनुदेशन' (Intrinsic/Branching Programming) के अंतर्गत प्रतिपादित **'निदानात्मक और उपचारात्मक शाखाओं' (Diagnostic and Remedial Branching Mechanism)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी के प्रत्येक बहुविकल्पीय उत्तर के आधार पर उसके ज्ञान की कमियों का तुरंत निदान किया जाता है और उसे उसकी व्यक्तिगत गति व समझ के अनुसार अलग-अलग उपचारात्मक या सुधारात्मक उप-पाठों (Branches) की ओर निर्देशित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences), स्वायत्त अधिगम (Autonomous Learning) और तार्किक त्रुटि-विश्लेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की अधिगम प्रकार—अर्थात् 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित सिद्धांतों, नियमों और संप्रत्ययों का एक नए और जटिल संयोजन के रूप में उपयोग करके किसी अज्ञात स्थिति या चुनौती का तार्किक और सृजनात्मक समाधान खोजता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, तार्किक विश्लेषण और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित **'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality Level)** के भीतर आने वाले अंतिम चरण—यानी **'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - चरण 6)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति बाहरी सामाजिक नियमों, कानूनों या प्राधिकरण की परवाह किए बिना अपने स्वयं के अंतःकरण (Conscience) द्वारा चुने गए व्यापक, सार्वभौमिक और तार्किक सिद्धांतों (जैसे न्याय, मानवाधिकार, और मानवीय गरिमा) के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय नैतिक विवेक, तार्किक स्वायत्तता और मूल्य-आधारित चरित्र निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—(1) इड (Id), (2) ईगो (Ego), और (3) सुपर-ईगो (Super-ego)—तथा ईगो द्वारा उपयोग की जाने वाली 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) जैसे कि 'दमन' (Repression), 'युक्तिकरण' (Rationalization), और 'प्रक्षेपण' (Projection) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव और चिंता (Anxiety) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.