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Indian Polity
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'संविधान के संशोधन' (Amendment) की प्रक्रिया से संबंधित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद को संविधान के किसी भी उपबंध में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है।
Related Questions
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राज्य विधानमंडल के अंतर्गत 'विधानसभा' और 'विधान परिषद' की वित्तीय शक्तियों, धन विधेयकों (Money Bills) तथा विशेषाधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 198 के अनुसार धन विधेयक राज्य की विधान परिषद में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है, और जब विधानसभा द्वारा कोई धन विधेयक पारित करके विधान परिषद के पास भेजा जाता है, तो विधान परिषद को उसे अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के अधिकतम 30 दिनों की अवधि के भीतर विधानसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है।
2. यदि राज्य की विधान परिषद किसी धन विधेयक को निर्धारित 14 दिनों की अवधि के भीतर विधानसभा को वापस नहीं करती है, या उस पर अपनी कोई सहमति नहीं देती है, तो उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित हुआ माना जाएगा जैसा कि उसे विधानसभा ने पारित किया था।
3. संविधान के अनुच्छेद 197 के प्रावधानों के तहत, धन विधेयक को छोड़कर अन्य किसी भी साधारण विधेयक (Ordinary Bill) के संबंध में यदि विधानसभा और विधान परिषद के बीच गतिरोध उत्पन्न होता है, तो संसद की भाँति राज्य विधानमंडल के लिए भी संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting) बुलाए जाने का संवैधानिक प्रावधान किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों और उनकी विधिक एवं न्यायिक प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'विधि' (Law) शब्द की व्यापक परिभाषा दी गई है, जिसके तहत संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए अधिनियमों के अतिरिक्त अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम, विनियम तथा रूढ़ि या प्रथा (Custom or Usage) को भी शामिल किया गया है, यदि वे मूल अधिकारों से असंगत हैं तो उनका शून्य होना तय है।
2. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के मूल अधिकारों पर प्रतिबंध लगा सके या उन्हें समाप्त कर सके ताकि उनके द्वारा अपने कर्तव्यों का उचित निर्वहन और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके, तथा इस प्रकार का कानून बनाने की शक्ति केवल और केवल संसद के पास है, राज्य विधानमंडलों के पास नहीं।
3. अनुच्छेद 34 के तहत संसद को किसी भी क्षेत्र में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू होने के दौरान वहां की गई किसी भी राजकीय कार्रवाई या दिए गए दंड को वैध बनाने के लिए 'क्षतिपूर्ति अधिनियम' (Indemnity Act) बनाने का अधिकार प्राप्त है, और यह शक्ति राज्य विधानमंडलों को भी सह-विस्तार रूप में प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा यह उपबंधित किया गया था कि राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की घोषणा को किसी भी न्यायालय में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा, जिसे बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा समाप्त कर दिया गया।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल 'युद्ध', 'बाह्य आक्रमण' या 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर ही की जा सकती है, तथा मंत्रिमंडल की लिखित संस्तुति (Written Recommendation) प्राप्त होने के पश्चात् ही राष्ट्रपति ऐसी उद्घोषणा कर सकता है।
3. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी घोषणा की तिथि से दो महीने के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है, और एक बार अनुमोदित होने के पश्चात यह आपातकाल अनिश्चित काल तक तब तक प्रवर्तन में रहता है जब तक कि इसे राष्ट्रपति द्वारा वापस न लिया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास और ब्रिटिश राज के दौरान पारित अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के माध्यम से ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यों को मान्यता दी, तथा इसके तहत बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए एक चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, जिसके पहले गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स बने।
2. 1833 का चार्टर अधिनियम ब्रिटिश भारत के केंद्रीयकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम था, जिसके द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया और देश के सभी नागरिक एवं सैन्य प्रशासन की पूर्ण शक्तियाँ उसमें निहित कर दी गईं, तथा लॉर्ड विलियम बैंटिक इस पद पर आसीन होने वाले प्रथम व्यक्ति थे।
3. 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम (जिसे मार्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी जाना जाता है) के द्वारा केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों के आकार में व्यापक वृद्धि की गई, तथा इसके अंतर्गत पहली बार मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचन मंडल' (Communal Representation) की व्यवस्था करके लॉर्ड मिंटो को भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन के जनक के रूप में स्थापित किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग IV-A के अंतर्गत वर्णित मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के प्रवर्तन, प्रकृति और उनके कानूनी दायरा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में शामिल किया गया था, लेकिन इस समिति ने नागरिकों के लिए कर अदायगी (payment of taxes) को भी एक मूल कर्तव्य बनाए जाने की संस्तुति की थी, जिसे संवैधानिक संशोधन में स्वीकार नहीं किया गया था।
2. प्रकृति से ये मूल कर्तव्य न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं, अर्थात इनके उल्लंघन या अनुपालन न करने पर सीधे उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय द्वारा कोई कानूनी दंड या रिट जारी नहीं की जा सकती है, जब तक कि संसद ने इनके कार्यान्वयन के लिए कोई विशिष्ट दंडात्मक कानून या अधिनियम न बनाया हो।
3. अनुच्छेद 51A के तहत उल्लिखित 11 मूल कर्तव्यों में से कुछ कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, जबकि पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने से संबंधित कुछ कर्तव्य विदेशी नागरिकों पर भी समान रूप से लागू होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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