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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता या आसक्ति सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'असुरक्षित-प्रतिरोधी आसक्ति' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) तथा 'असुरक्षित-अवॉइडेंट आसक्ति' (Insecure-Avoidant Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), शिक्षक-विद्यार्थी अंतःक्रिया (Teacher-Student Interaction), और साथियों के साथ सामाजिक समायोजन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी के आसक्ति सिद्धांत के अनुसार, बचपन में प्राथमिक देखभालकर्ता के साथ बनी आसक्ति शैलियाँ (जैसे सुरक्षित, असुरक्षित-प्रतिरोधी और असुरक्षित-अवॉइडेंट) बच्चे के भावी संवेगात्मक और सामाजिक विकास को गहराई से प्रभावित करती हैं। असुरक्षित आसक्ति वाले बच्चे कक्षा में अत्यधिक चिंता, विश्वास की कमी या संवेगात्मक अनियंत्रण प्रदर्शित करते हैं। एक प्रभावी शिक्षक को कक्षा में 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) प्रदान करते हुए सहानुभूतिपूर्ण और पूर्वानुमानित वातावरण सृजित करना चाहिए, जिससे विद्यार्थी सुरक्षित महसूस कर सकें और अपने संज्ञानात्मक व सामाजिक अधिगम पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड आत्मक (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित **'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model / Multi-Store Model of Memory)** के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय घटक—**'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory / Sensory Register)**—जिसे बाहरी पर्यावरण से प्राप्त होने वाली समस्त दृश्य, श्रव्य और अन्य संवेदी सूचनाओं को बहुत ही अल्प समय (एक सेकंड से भी कम) के लिए बिना किसी संज्ञानात्मक अर्थ के त्यों का त्यों धारण करने वाले प्रथम मानसिक भंडार के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के चयनात्मक अवधान (Selective Attention), सूचना छनन (Information Filtering) और अल्पकालिक स्मृति (Short-Term Memory) में स्थानांतरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Moral Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)**—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional Level) की पांचवीं अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून एक सामाजिक अनुबंध (Social Contract) के रूप में लचीले होने चाहिए, जिन्हें समाज के कल्याण और व्यक्तिगत मानवाधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक रूप से बदला जा सकता है, न कि वे कठोर या अपरिवर्तनीय अंतिम सत्य होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तार्किकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय बोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्निहित दोनों चरणों—(1) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'नैतिक दुविधा' (Moral Dilemma) और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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