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Indian Polity
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संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'संविधान संशोधन' की प्रक्रिया में संसद की शक्ति बताता है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 368 संसद को संविधान में बदलाव करने की शक्ति देता है।
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ब्रिटिश भारत में संवैधानिक विकास के प्रारंभिक चरणों के अंतर्गत वर्ष 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट और वर्ष 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के माध्यम से बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, तथा इसी अधिनियम के तहत कलकत्ता में एक सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की गई थी जिसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे थे। 2. 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पहली बार पृथक किया गया, जिसके तहत राजनीतिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) की स्थापना की गई, जबकि व्यापारिक मामलों के अधीक्षण के लिए 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' (Court of Directors) को बरकरार रखा गया। 3. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के माध्यम से ही भारत में कंपनी के अधीन क्षेत्रों को पहली बार 'ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र के अधीन भारतीय क्षेत्र' (British Possessions in India) कहा गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद की संख्या चार से घटाकर तीन कर दी गई ताकि उसे निर्णय लेने में अधिक आसानी हो सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अपीलीय अधिकारिता (Appellate Jurisdiction) तथा संविधान के निर्वाचन से संबंधित मामलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 132 के तहत उच्चतम न्यायालय में अपील करने के लिए किसी उच्च न्यायालय द्वारा यह प्रमाणित किया जाना आवश्यक होता है कि उस मामले में संविधान के निर्वाचन से संबंधित विधि का कोई सारवान प्रश्न अंतर्निहित है, और यदि उच्च न्यायालय ऐसा प्रमाण पत्र देने से इंकार कर देता है, तो उच्चतम न्यायालय को विशेष अनुमति अपील (SLP) के अतिरिक्त किसी भी अन्य रूप में अपील सुनने की शक्ति प्राप्त नहीं होती है। 2. संविधान के अनुच्छेद 133 के अनुसार उच्च न्यायालय के सिविल मामलों में अपीलीय क्षेत्राधिकार के तहत उच्चतम न्यायालय में तभी अपील की जा सकती है जब उस मामले में विधि का कोई व्यापक सार्वजनिक महत्व का प्रश्न शामिल हो और उच्च न्यायालय यह प्रमाणित कर दे कि उस प्रश्न का उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णय किया जाना आवश्यक है। 3. संविधान के अनुच्छेद 134A के प्रावधानों के अनुसार अनुच्छेद 132, 133 या 134 के अधीन उच्चतम न्यायालय में अपील के लिए प्रमाण पत्र (Certificate) उच्च न्यायालय द्वारा या तो उस मामले की सुनवाई समाप्त होने के तुरंत बाद मौखिक रूप से या लिखित आवेदन पर दिया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 243P से 243ZG तक के प्रावधान शामिल किए गए, जिसके तहत शहरी स्थानीय सरकारों को तीन प्रकार की नगरपालिकाओं—नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम—में वर्गीकृत किया गया है। 2. इस संशोधन के माध्यम से संविधान में एक नई 'बारहवीं अनुसूची' जोड़ी गई, जिसमें नगरपालिकाओं की विधायी शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 29 कार्यात्मक विषयों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। 3. प्रत्येक नगरपालिका में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रदान किया जाता है, जबकि महिलाओं के लिए सभी श्रेणियों की कुल सीटों में से कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटें अनिवार्य रूप से आरक्षित की जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अधिकारिता, शक्तियों और न्यायिक पुनरावलोकन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के दायरे में केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच अथवा दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले वे सभी विवाद आते हैं, जिनमें विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न निहित हो जिस पर किसी विधिक अधिकार का अस्तित्व निर्भर करता हो, बशर्ते यह विवाद किसी पूर्ववर्ती संधि, समझौते या प्रसंविदा से उत्पन्न हुआ हो। 2. संविधान के अनुच्छेद 143 के अधीन राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वह उच्चतम न्यायालय से किसी ऐसे विधि या तथ्य के प्रश्न पर, जो सार्वजनिक महत्व का है, परामर्श मांग सके, और इस प्रावधान के तहत यदि राष्ट्रपति द्वारा किसी संधि या समझौते से उत्पन्न विवाद को परामर्श के लिए भेजा जाता है, तो उच्चतम न्यायालय के लिए राष्ट्रपति को अपनी राय देना संवैधानिक रूप से अनिवार्य (Mandatory) होता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 137 के अनुसार उच्चतम न्यायालय को संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि या राष्ट्रपति के आदेशों के अधीन रहते हुए अपने द्वारा सुनाए गए किसी निर्णय या आदेश का पुनरावलोकन करने की शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति का प्रयोग करते हुए उच्चतम न्यायालय अपनी किसी भी पूर्ववर्ती व्यवस्था को पलट सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? मौलिक कर्तव्यों को जोड़ने की सिफारिश किस समिति ने की थी?
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