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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अंतःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) की संकल्पनाओं के बीच कक्षा-कक्ष शिक्षण में समावेशन और विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत (1983) के अनुसार, बुद्धियाँ स्वतंत्र और विभिन्न रूपों में पाई जाती हैं। 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) व्यक्ति को प्रकृति के पैटर्न, पेड़-पौधों, जीवों और पर्यावरण को समझने की क्षमता प्रदान करती है, जबकि 'अंतःवैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति को स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, शक्तियों और सीमाओं को गहराई से जानने की क्षमता देती है। जब इन दोनों बुद्धियों को आधुनिक शिक्षा और विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) में जोड़ा जाता है, तो छात्र न केवल पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक बनते हैं बल्कि अपनी आंतरिक अनुभूतियों के आधार पर पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर सार्थक और उत्तरदायी निर्णय लेने में भी सक्षम होते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखीय प्रोग्राम्ड लर्निंग' (Branched Programmed Learning) या 'आंतरिक प्रोग्रामिंग' (Intrinsic Programming) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'निदानात्मक एवं उपचारात्मक शाखा' (Diagnostic and Remedial Branching) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी के प्रत्येक बहुविकल्पीय अनुक्रिया (Response) का सूक्ष्म विश्लेषण करके उसकी व्यक्तिगत त्रुटियों और वैचारिक भ्रांतियों (Misconceptions) के आधार पर उसे विशेष और अलग-अलग उपचारात्मक शिक्षण पथों (Remedial Paths) की ओर निर्देशित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुकूलन, स्व-गतिशील अधिगम (Self-Paced Learning) और संज्ञानात्मक पुनर्रचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) द्वारा प्रतिपादित 'शाखाबद्ध प्रोग्राम्ड इंस्ट्रक्शन' (Branching Programmed Instruction / Intrinsic Programming) के अंतर्गत आने वाली उस मूल अवधारणा के संबंध में—जिसके तहत शिक्षार्थी के पूर्व-प्रतिक्रिया विकल्पों और निदान के आधार पर उसे विभिन्न शाखाओं या वैकल्पिक उपचारात्मक मार्गों (Remedial Paths) की ओर निर्देशित किया जाता है, ताकि उसकी व्यक्तिगत त्रुटियों का तत्काल समाधान किया जा सके—निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन कक्षा-कक्षीय शिक्षण और व्यक्तिगत विभिन्नताओं के वैज्ञानिक संचालन के दृष्टिकोण से सबसे अधिक प्रामाणिक और मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उन अचेतन मानसिक रणनीतियों या उपायों के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग व्यक्ति अपनी अहम (Ego) की रक्षा करने, चिंता (Anxiety), आंतरिक संघर्षों और अपमानजनक या अस्वीकार्य आवेगों से उत्पन्न मानसिक तनाव को कम करने या उससे निपटने के लिए अचेतन रूप से करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक समायोजन, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर यानी 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी पहले से सीखे गए नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Principle Learning) का उपयोग करके एक नई, जटिल और अनूठी स्थिति में उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए आंतरिक वैचारिक नियमों या सूत्रों का आविष्कार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सृजनात्मक विश्लेषण और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, उनका वर्गीकरण करने तथा प्राकृतिक वातावरण के साथ तन्मयता स्थापित करने की उच्च-स्तरीय क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरणीय संवेदनशीलता, अनुभवात्मक अधिगम और पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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