BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
10 views

भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'न्यायिक समीक्षा' (Judicial Review) की शक्ति प्रदान करता है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 13, 32 और 137 न्यायिक समीक्षा की शक्ति में योगदान देते हैं।
Share:

Related Questions

भारतीय संविधान के अंतर्गत महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से अनुच्छेद 352 में संशोधन करके राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई कि वह पूरे देश में या उसके किसी हिस्से में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, तथा राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, जिसके लिए राष्ट्रपति द्वारा अलग से कोई पृथक आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं होती है। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' या 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर ही की जा सकती है, और 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को संविधान से हटा दिया गया, साथ ही मंत्रिमंडल की लिखित संस्तुति को आपातकाल की घोषणा के लिए अनिवार्य बना दिया गया। 3. राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान संविधान के अनुच्छेद 359 के अंतर्गत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वह आदेश द्वारा भाग III द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन को निलंबित कर सकता है, किंतु अनुच्छेद 359 के अधीन जारी ऐसा प्रत्येक आदेश संसद के दोनों सदनों के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाना अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? संविधान की प्रस्तावना (Preamble) में "समाजवादी" (Socialist) शब्द किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया? भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्यीय प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय लोक हित में यह प्रतीत हो कि ऐसी परिषद् की स्थापना से राज्यों के बीच अथवा संघ और राज्यों के कुछ या सभी राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच और उन पर विचार-विमर्श में सहायता मिलेगी, तो वह एक अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना कर सकता है। 2. अंतर-राज्यीय परिषद् एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है जिसका गठन संविधान के प्रारंभ के साथ ही वर्ष 1950 में कर दिया गया था, और प्रधानमंत्री इस परिषद् के पदेन अध्यक्ष होते हैं। 3. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission, 1983-88) की संस्तुति के आधार पर वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा पहली बार अंतर-राज्यीय परिषद् की औपचारिक स्थापना की गई थी, और इसके सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री तथा संघ राज्यक्षेत्रों के प्रशासक या मुख्यमंत्री शामिल होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारत में आपातकाल (352) कब लागू हुआ? भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) और उसके विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से संशोधन किया गया है, जिसके तहत इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे। 2. 'बेरुबारी यूनियन वाद' (1960) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है, और इसलिए संसद अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन कर सकती है, बशर्ते संशोधन से संविधान का मूल ढांचा प्रभावित न हो। 3. प्रस्तावना गैर-न्यायिक (Non-justiciable) प्रकृति की है, जिसका अर्थ है कि इसके प्रावधानों को देश के किसी भी न्यायालय द्वारा सीधे प्रवर्तित नहीं कराया जा सकता है और न ही यह विधायिका की शक्तियों पर कोई प्रतिबंध लगाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.