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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मैन्सर (Norman Munn) या बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंध' (Operant Conditioning) अथवा 'प्रोग्राम्ड लर्निंग' (Programmed Learning - अभिक्रमित अधिगम) के सिद्धांत में प्रयुक्त 'शाब्दिक एवं साखीय अभिक्रमित अनुदेशन' (Linear and Branching Programmed Instruction) के अंतर्गत 'फ्रेम्स' (Frames) की संरचना और 'तत्पुष्टि' (Immediate Reinforcement) के मनोवैज्ञानिक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से अभिक्रमित अनुदेशन (Programmed Learning) का सिद्धांत बी.एफ. स्किनर (रैखिक अभिक्रम - Linear Programming) और नॉर्मन ए. क्राउडर (साखीय अभिक्रम - Branching Programming / Intrinsic Programming) से संबंधित है। साखीय अभिक्रमित अनुदेशन विशेष रूप से व्यक्तिगत विभिन्नताओं (Individual Differences) को मान्यता देता है, जिसमें यदि छात्र बहुविकल्पीय प्रश्न का उत्तर गलत देता है, तो उसे एक उपचारात्मक (Remedial) फ्रेम या वैकल्पिक मार्ग पर भेजा जाता है ताकि उसकी विशिष्ट त्रुटि का तुरंत निदान हो सके। इसके विपरीत, रैखिक अभिक्रम में सभी छात्र एक ही रैखिक क्रम से गुजरते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति को प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म पैटर्नों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक बातचीत करने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरणीय संवेदनशीलता, अनुभवात्मक क्षेत्र-अध्ययन (Field Studies) और जैविक समझ के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator)**—जिसे उस शिक्षाशास्त्रीय भूमिका के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों पर ज्ञान थोपने वाले या अनुदेशन देने वाले पारंपरिक नियंत्रक के बजाय एक ऐसा सहायक या सुगमकर्ता बनता है जो सीखने के लिए एक सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण (Empathic), गैर-निर्णयात्मक और स्वतंत्रतापूर्ण वातावरण प्रदान करता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी आंतरिक प्रेरणा और स्व-निर्देशित अनुभवों (Self-Directed Learning) के माध्यम से सार्थक ज्ञान का अर्जन कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अधिगम, आत्म-स्वीकृति और सार्थक ज्ञान-सर्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्राकृतिकवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति प्रकृति के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है, पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक वातावरण की सूक्ष्म बारीकियों को आसानी से पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सामंजस्य स्थापित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, अनुभवात्मक अधिगम और अवलोकन कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड एम. रायन (Richard M. Ryan) और एडवर्ड एल. डेसी (Edward L. Deci) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT) के अंतर्गत निहित तीन बुनियादी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं—स्वायत्तता (Autonomy), सक्षमता (Competence), और संबंधितता (Relatedness)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), संज्ञानात्मक सहभागिता, और मानसिक कल्याण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात् 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनपेक्षित समस्या का तार्किक विश्लेषण करता है, परिकल्पनाएं (Hypotheses) गढ़ता है और बौद्धिक सूझ-बूझ के माध्यम से एक नया समाधान खोज निकालता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, तार्किक स्वायत्तता और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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