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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत 'माइक्रोसिस्टम' (Microsystem) और 'मेसोसिस्टम' (Mesosystem) के मध्य अंतर्संबंधों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत (Ecological Systems Theory) के अनुसार, 'माइक्रोसिस्टम' (सूक्ष्म प्रणाली) सबसे निकटतम और प्रत्यक्ष वातावरण है जिसमें बालक सीधे अंतःक्रिया करता है, जैसे परिवार, सहपाठी, स्कूल और पड़ोस। वहीं, 'मेसोसिस्टम' (मध्य प्रणाली) विभिन्न माइक्रोसिस्टम्स के बीच के संबंधों को दर्शाता है; उदाहरण के लिए, माता-पिता और शिक्षकों के बीच की अंतःक्रिया (जैसे पेरेंट-टीचर मीटिंग) या घर और विद्यालय के अनुभवों का मेल। अतः विकल्प (c) इस सिद्धांत की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—**'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy)**—जिसे किसी विशिष्ट कार्य या परिस्थिति में सफलता प्राप्त करने के लिए अपनी स्वयं की क्षमताओं और व्यवहारों को संगठित व निष्पादित करने के व्यक्तिगत विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रेरणा प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण (Goal Setting) और चुनौतियों से निपटने की सहनशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning), 'सुगमकर्ता के रूप में शिक्षक' (Teacher as a Facilitator) की अवधारणा, तथा 'बिना शर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की 'स्वयं की संकल्पना' (Self-Concept) के सुदृढ़ीकरण और आंतरिक स्वायत्तता के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियापूत या नैमित्तिक अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)**—जिसे उस प्रेरक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से किसी अवांछित, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या उसकी उपस्थिति से मुक्ति दिलाकर किसी वांछित अनुक्रिया (Desirable Response) की आवृत्ति, संभावना या शक्ति को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव मुक्ति और सकारात्मक आदतों के निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च और अंतिम मनोवैज्ञानिक स्तर—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति अपनी पूर्ण आंतरिक क्षमताओं, सृजनात्मक संभावनाओं और वैयक्तिक विकास के चरम शिखर को प्राप्त कर लेता है और अपनी विशिष्ट पहचान को सार्थक रूप से चरितार्थ करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय सृजन, आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), व्यक्तिगत स्वायत्तता और समग्र व्यक्तित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार चरणों—(1) मूर्त अनुभव (Concrete Experience), (2) विचारशील अवलोकन (Reflective Observation), (3) अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization), और (4) सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)—तथा उनके द्वारा वर्णित चार अधिगम शैलियों—'अभिसारी' (Convergent), 'अपसारी' (Divergent), 'आत्मसातकर्ता' (Assimilating), और 'समायोजक' (Accommodating)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक शैली के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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