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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'जीन पियाजे' (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'समीकरण' (Equilibration), 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की गत्यात्मक प्रक्रियाओं के बीच संबंध के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन मनोवैज्ञानिक दृष्टि से सबसे अधिक सटीक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपने मौजूदा स्कीमा (मानसिक ढांचे) के माध्यम से दुनिया को समझता है और कोई नया अनुभव सामने आता है जो पुराने स्कीमा से मेल नहीं खाता, तो संज्ञानात्मक असंतुलन (Disequilibrium) की स्थिति पैदा होती है। इस मानसिक संघर्ष को दूर करने के लिए बच्चा या तो आत्मसातीकरण (नयी जानकारी को पुराने स्कीमा में ढालना) या समायोजन (पुराने स्कीमा में बदलाव करना या नया स्कीमा बनाना) का सहारा लेता है। 'समीकरण' (Equilibration) वह स्व-नियामक (Self-regulatory) प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा असंतुलन से संतुलन की ओर बढ़ता है, जिससे उच्च स्तर के संज्ञानात्मक विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। अतः विकल्प (b) सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और सक्रिय शैक्षणिक दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी को केवल निष्क्रिय श्रोता के रूप में पाठ्यपुस्तकें रटने के बजाय वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, सामूहिक परियोजनाओं, प्रयोगों और हस्तपरक गतिविधियों (Hands-on Activities) के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से संलग्न किया जाता है, ताकि वह अपने अनुभवों का विश्लेषण करके वास्तविक ज्ञान का निर्माण कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान कौशल और ज्ञान के सक्रिय आंतरिकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित प्रतिनिधित्व के तीन रूपों—(1) संक्रियात्मक/क्रियात्मक प्रतिनिधित्व (Enactive Representation), (2) दृश्य/प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व (Iconic Representation), और (3) संकेतात्मक/प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation)—तथा 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व अनुभवों से अमूर्त संप्रत्ययों के निर्माण, सर्पिलाकार पाठ्यक्रम (Spiral Curriculum) के क्रियान्वयन, और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रम' (Conditions of Learning) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित उच्चतम स्तर के अधिगम यानी 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित सिद्धांतों, नियमों और कौशलों का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति या समस्या का तार्किक, विश्लेषणात्मक और सृजनात्मक समाधान खोजता है तथा एक नया आंतरिक नियम या सिद्धांत निर्मित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, तार्किक चिंतन और स्वतंत्र ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) तथा 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता (Ecological Sensitivity), पर्यावरण संरक्षण आधारित अनुभवात्मक अधिगम, और जीवन के दार्शनिक एवं ब्रह्मांडीय प्रश्नों के तार्किक अन्वेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन प्रतिनिधित्व स्वरूपों—(1) क्रियात्मक प्रतिनिधित्व (Enactive Representation), (2) दृश्य-प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व (Iconic Representation), और (3) संकेतात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation)—तथा 'खोजपूर्ण अधिगम' (Discovery Learning) और 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संवादात्मक संरचनाओं, अमूर्त विचारों के भाषागत रूपांतरण और जटिल अवधारणाओं के क्रमिक पुनर्दर्शन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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