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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'जीन पियाजे' (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'समीकरण' (Equilibration), 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की गत्यात्मक प्रक्रियाओं के बीच संबंध के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन मनोवैज्ञानिक दृष्टि से सबसे अधिक सटीक है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा अपने मौजूदा स्कीमा (मानसिक ढांचे) के माध्यम से दुनिया को समझता है और कोई नया अनुभव सामने आता है जो पुराने स्कीमा से मेल नहीं खाता, तो संज्ञानात्मक असंतुलन (Disequilibrium) की स्थिति पैदा होती है। इस मानसिक संघर्ष को दूर करने के लिए बच्चा या तो आत्मसातीकरण (नयी जानकारी को पुराने स्कीमा में ढालना) या समायोजन (पुराने स्कीमा में बदलाव करना या नया स्कीमा बनाना) का सहारा लेता है। 'समीकरण' (Equilibration) वह स्व-नियामक (Self-regulatory) प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा असंतुलन से संतुलन की ओर बढ़ता है, जिससे उच्च स्तर के संज्ञानात्मक विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। अतः विकल्प (b) सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या है।
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