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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'कूपर और हेलर' (Cooper & Heller) तथा अन्य समकालीन मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'कक्षा प्रबंधन और अनुशासन' (Classroom Management and Discipline) के 'सशक्तिकरण उपागम' (Empowerment Approach) के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण रणनीति पारंपरिक सत्तावादी (Authoritarian) नियंत्रण के स्थान पर विद्यार्थियों में आंतरिक अनुशासन और स्वायत्तता (Autonomy) विकसित करने के लिए सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कक्षा प्रबंधन के 'सशक्तिकरण उपागम' (Empowerment Approach) के अनुसार, छात्रों में वास्तविक अनुशासन तभी विकसित होता है जब उन्हें लोकतांत्रिक वातावरण प्रदान किया जाए। इस उपागम में शिक्षक छात्रों को केवल आज्ञाकारी बनाने के बजाय उन्हें अपने सीखने और व्यवहार के लिए जिम्मेदार (Responsible) और स्वायत्त (Autonomous) बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसके तहत नियम थोपने के बजाय छात्रों के साथ मिलकर नियम बनाए जाते हैं, जिससे उनमें आंतरिक प्रेरणा और आत्म-नियंत्रण (Self-regulation) का विकास होता है। अतः विकल्प 'b' सबसे उपयुक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से सही है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना से जुड़े तीन घटकों—'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों और मनोवैज्ञानिक गतिकी (Psychological Dynamics) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित अधिगम के आठ प्रकारों—जिज्ञासात्मक/संकेत अधिगम (Signal Learning) से लेकर 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) तक—के तार्किक अनुक्रम में से, 'नियम अधिगम' (Rule Learning) से ठीक पूर्व आने वाले चरण—'प्रत्यय/संकल्पना अधिगम' (Concept Learning)—की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषता और कक्षा-कक्ष शिक्षण में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकन आत्मक अधिगम' (Observational Learning) के चार अंतःसंबंधित घटकों—(1) अवधान (Attention), (2) धारणा (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरण (Motivation)—तथा 'पारस्परिकता determinism' (Reciprocal Determinism) की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'स्व-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) और अनुकरणीय सकारात्मक व्यवहारों के निर्माण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के चरम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति किसी सामाजिक नियम या कानून के अंधे अनुपालन के बजाय अपने स्वयं के अंतःकरण, सार्वभौमिक मानवाधिकारों, न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के आंतरिक रूप से चयनित स्व-निर्धारित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सही और गलत का निर्णय करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक नैतिक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वायत्त निर्णय-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति में प्राकृतिक दुनिया, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक सामंजस्य स्थापित करने की उच्च-स्तरीय संवेदनशीलता और क्षमता पाई जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अवलोकन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और अनुभवात्मक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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