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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र सिद्धांत' और 'सृजनात्मकता' के संयुक्त न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) द्वारा प्रतिपादित 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking: वैकल्पिक दृष्टिकोण और अपरंपरागत विचार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'राइट हेमिस्फेयर सुपीरियर फ्रंटल गाइरस' (Right Hemisphere Superior Frontal Gyrus - उपन्यास विचार जनरेशन), 'लेटरल पोलर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Lateral Polar Prefrontal Cortex - संज्ञानात्मक खोज और अनिश्चितता प्रबंधन), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (TPJ - सामाजिक और वैचारिक परिप्रेक्ष्य परिवर्तन) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन, पुराने तंत्रिका मार्गों के निषेध (Inhibition of Established Pathways), और नवीन सिनेप्टिक पैटर्न निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा गॉर्डन के 'साइनेक्टिक्स मॉडल' (Synectics Model of Creativity) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लैटरल थिंकिंग ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Lateral Thinking Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी समस्या-समाधान, अभिनव सृजन क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड डी बोनो का 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) और सृजनात्मकता पारंपरिक लकीर के फकीर वाले तरीकों से हटकर नए दृष्टिकोण अपनाने से जुड़ी है। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, यह मस्तिष्क के 'राइट सुपीरियर फ्रंटल गाइरस', 'लेटरल पोलर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' और 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन (TPJ)' की सक्रियता पर निर्भर करता है, जो पुराने और तयशुदा तंत्रिका मार्गों (Established Neural Pathways) को रोककर (Inhibition) नए सिनेप्टिक कनेक्शन बनाने में मदद करते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इस तरह की 'न्यूरो-लैटरल थिंकिंग ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' विद्यार्थियों में बहुआयामी दृष्टिकोण, लचीलेपन और अभिनव समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में अत्यधिक प्रभावी है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'स्थानिक बुद्धि' (Spatial Intelligence), 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence), 'शारीरिक-गतिसंवेदी बुद्धि' (Bodily-Kinesthetic Intelligence), 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalistic Intelligence), और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय/विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'आनुभविक/सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'संदर्भगत/व्यावहारिक बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास की अवस्थाएँ' (Stages of Child Development) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के आठ चरणों में से, उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जोशोभावस्था (Adolescence) के दौरान आता है, जिसमें किशोर अपने भविष्य के भूमिका मॉडलों, मूल्यों और आत्म-पहचान (Identity) को स्थापित करने के लिए संघर्ष करते हैं, तथा इस चरण के दौरान सफलतापूर्वक समाधान न होने पर निम्नलिखित में से किस नकारात्मक मनोवैज्ञानिक संकट या भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का अधिकांश भाग उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु के अंतर्गत आता है, जहाँ ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक गर्मी और शीत ऋतु में सामान्य ठंड पड़ती है, तथा राज्य में सबसे अधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा से होती है।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अत्यधिक नमी, दलदली भूमि और सघन वनों के कारण मलेरिया और अन्य उष्णकटिबंधीय बीमारियों का प्रकोप अधिक रहता है, और यहाँ की मृदा मुख्य रूप से महीन अवसादों से बनी होती है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड पठारी क्षेत्र में ग्रीष्मकाल में तापमान अत्यधिक उच्च हो जाता है और यहाँ वार्षिक वर्षा राज्य के अन्य क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र सदाबहार वनों से आच्छादित रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र की कार्यप्रणाली' (Ecosystem Dynamics) और 'ऊर्जा प्रवाह' (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (Law of Conservation of Energy) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का लगभग 90% भाग श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं में क्षय हो जाता है, तथा केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँच पाती है, जिसे लिंडेमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) कहा जाता है।
2. पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न जीवों के बीच खाद्य ऊर्जा के स्थानांतरण के मार्ग को 'खाद्य जाल' (Food Web) कहा जाता है, जो एक सीधी रेखा में चलता है और इसमें ऊर्जा का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होता है, जबकि 'खाद्य श्रृंखला' (Food Chain) अनेक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई श्रृंखलाओं का समूह होती है।
3. किसी भी पारिस्थितिक तंत्र का 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि उत्पादकों से लेकर शीर्ष उपभोक्ताओं तक प्रत्येक क्रमिक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है, और इसे किसी भी परिस्थिति में उल्टा नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'प्रेरणा और अधिगम (Motivation and Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रेल स्ट्रिएटम' (Ventral Striatum / Reward System), 'डॉपाएमिनर्जिक पाथवे' (Dopaminergic Pathway - VTA to Nucleus Accumbens), और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (VMPFC) के बीच आंतरिक व बाह्य प्रेरणा एकीकरण, होमियोस्टैटिक नियमन, और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा, संवेगात्मक सुरक्षा व समग्र शैक्षणिक संलग्नता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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