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Indian Polity
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किसी विधेयक को 'धन विधेयक' (Money Bill) घोषित करने की शक्ति किसे प्राप्त है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लोकसभा अध्यक्ष का यह अंतिम निर्णय होता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं।
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भारतीय संविधान के भाग-IVक के अंतर्गत उल्लिखित 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के प्रावधानों और उनके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, जिसमें समिति ने नागरिकों द्वारा करों का भुगतान (Payment of Taxes) करने को भी एक मूल कर्तव्य के रूप में शामिल करने की संस्तुति की थी, जिसे इंदिरा गांधी सरकार ने स्वीकार नहीं किया था।
2. अनुच्छेद 51क के तहत प्रदत्त मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, और इनकी प्रकृति न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ यह है कि यदि कोई नागरिक किसी मूल कर्तव्य का उल्लंघन करता है, तो उसे सीधे उच्चतम न्यायालय द्वारा दंडित किया जा सकता है।
3. न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा समिति (1999) ने मूल कर्तव्यों के शिक्षण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित संस्तुतियाँ दी थीं, और इस समिति ने यह स्पष्ट किया था कि संविधान के कई मूल कर्तव्यों का सार भारतीय सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों जैसे पर्यावरण संरक्षण और भाईचारे में पहले से ही निहित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के संविधान में 'लोक कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) का विचार कहाँ है?
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राज्य विधानमंडल के अंतर्गत विधानसभा और विधान परिषद के गठन, उनकी संरचना तथा विधायी प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा इस आशय का संकल्प अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दे।
2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, किंतु किसी भी स्थिति में विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या 40 से कम नहीं हो सकती है, और इसके सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर किया जाता है।
3. साधारण विधेयकों के संदर्भ में, यदि विधान परिषद किसी विधेयक को अस्वीकार कर देती है या ऐसा संशोधन करती है जिसे विधानसभा स्वीकार नहीं करती है, तो विधानसभा द्वारा दूसरी बार विधेयक को पारित किए जाने के पश्चात विधान परिषद उसे अधिकतम 3 महीने तक और रोक सकती है, जिसके बाद दोनों सदनों की सहमति के बिना भी विधेयक को पारित मान लिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की समितियों तथा उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा ने संविधान के निर्माण से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए कई समितियों का गठन किया था, जिनमें से संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
2. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में गठित 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) में अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य थे, और इस समिति ने संविधान का प्रारूप तैयार करते समय केवल ब्रिटिश संविधान के प्रावधानों का ही अंधानुकरण किया था, तथा अमेरिका या अन्य देशों की संवैधानिक प्रणालियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था।
3. संविधान सभा द्वारा कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का निर्माण कार्य पूरा किया गया, जिसके दौरान संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिनों तक विचार-विमर्श हुआ और अंततः 26 जनवरी 1950 को संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 और शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में जोड़े गए भाग IX-A के अंतर्गत अनुच्छेद 243-W में यह प्रावधान किया गया है कि राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, नगरपालिकाओं को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जिससे वे बारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 18 कार्य-विषयों के संबंध में आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाओं को तैयार करने तथा उन्हें कार्यान्वित करने का उत्तरदायित्व निभा सकें।
2. महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee - MPC) के गठन का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 243-ZE के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत महानगर क्षेत्र के लिए विकास योजना तैयार करने वाली इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्य उस महानगर क्षेत्र में स्थित नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और जिला पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से ही चुने जाने अनिवार्य हैं।
3. इस संशोधन के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका के लिए निर्वाचन वित्तीय मामलों और खातों के संवीक्षा (Audit) के लिए राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर निर्भर करता है, जिसे मूल रूप से केवल 73वें संविधान संशोधन (पंचायतों) के लिए ही उपबंधित किया गया था और 74वें संशोधन में इसे नगरपालिकाओं पर स्वतः लागू नहीं किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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