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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास में वंशानुक्रम और वातावरण की अंतःक्रिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन तथा ऐनी एनास्टसी द्वारा विश्लेषित 'वंशानुक्रम और पर्यावरण के सापेक्ष योगदान' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एपिजेनेटिक मॉडिफिकेशन पाथवे' (Epigenetic Modification Pathways - DNA Methylation and Histone Acetylation), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच जीन-पर्यावरण अंतःक्रिया (Gene-Environment Interaction - GxE), न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity), और वातावरणीय समृद्धीकरण (Environmental Enrichment) की सक्रियण गतिकी, तथा यूरी ब्रॉन्फ्रेब्रेनर के 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एपिजेनेटिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Epigenetic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुकूलन क्षमता, लचीले बौद्धिक विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न वंशानुक्रम और वातावरण की अंतःक्रिया के न्यूरो-बायोलॉजिकल और एपिजेनेटिक आधारों को आधुनिक समावेशी शिक्षा और न्यूरो-एपिजेनेटिक पेडागोजी के साथ जोड़ता है। विकल्प 'b' इस संदर्भ में वैज्ञानिक रूप से सबसे सटीक और व्यापक है, क्योंकि यह एपिजेनेटिक्स, न्यूरोप्लास्टिसिटी और समावेशी शिक्षा में व्यक्तिगत विभिन्नताओं के अनुकूलन को स्पष्ट करता है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. UDL एक ऐसा पाठ्यक्रम और शिक्षण ढांचा है जो अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए शिक्षण विधियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में शुरुआत से ही लचीलापन और बहुविकल्प प्रदान करता है।
2. UDL के तीन मुख्य मनोवैज्ञानिक और तंत्रिका-वैज्ञानिक आधार हैं: सहभागिता के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रस्तुति के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression)।
3. यह दृष्टिकोण केवल दिव्यांग या बौद्धिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए ही अनुकूलित है, और सामान्य अथवा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए इसका उपयोग करने से उनके उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को सबसे अधिक महत्वपूर्ण और तार्किक माना जाता है, जो विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) का विकास करता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा विकसित '16PF' (16 Personality Factor Questionnaire) परीक्षण में, कैटल ने सतही शील गुणों (Surface Traits) और मूल शील गुणों (Source Traits) के बीच अंतर किया है। कैटल द्वारा 'स्त्रोत शील गुणों' (Source Traits) को मापने और उनका वर्गीकरण करने के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य सांख्यिकी तकनीक (Statistical Technique) का व्यापक उपयोग किया गया था?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के आधुनिक रचनावादी और सूचना प्रक्रमण सिद्धांतों' के संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) द्वारा प्रतिपादित 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत 'अग्रिम संगठन' (Advance Organizers - नए ज्ञान से पहले प्रदान की जाने वाली वैचारिक रूपरेखा) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा रिचर्ड मयेर (Richard Mayer) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टीमीडिया अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theory of Multimedia Learning) के अंतर्गत 'द्वैत चैनल परिकल्पना' (Dual-Channel Assumption - श्रवण और दृश्य चैनलों का पृथक उपयोग) और 'संज्ञानात्मक भार सिद्धांत' (Cognitive Load Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, दृश्य-श्रव्य अनुदेशन (Audio-Visual Instruction) और विद्यार्थियों में सार्थक व दीर्घकालिक ज्ञान के निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉर्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-चिंतित और असुरक्षित-टालने वाला अनुलग्नक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एमिकडाला' (Amygdala), 'हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) अक्ष', और 'ऑक्सीटोसिन-वैसोप्रेसिन न्यूरोसेंसरी पाथवे' के बीच तनाव नियमन (Stress Regulation), संवेगात्मक सुरक्षा (Emotional Security), और सामाजिक-संबंध निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा मेरी एनसवर्थ (Mary Ainsworth) के 'स्ट्रेंज सिचुएशन' (Strange Situation) प्रतिमान के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-अटैचमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Attachment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्वास का वातावरण, सुरक्षित अधिगम परिवेश व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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