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Indian Polity
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किसी राज्य में 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) किस अनुच्छेद के तहत लगाया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 356 के तहत यदि राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए, तो राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है।
Related Questions
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भारत के राष्ट्रपति की विधाई, कूटनीतिक और आपातकालीन शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 85 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोकसभा को विघटित करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति उसकी ऐसी कार्यपालिका शक्ति है जिसके प्रयोग के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह मानना राष्ट्रपति के लिए पूर्ण रूप से बाध्यकारी होता है, भले ही मंत्रिपरिषद ने लोकसभा में बहुमत खो दिया हो या न खोया हो।
2. भारत का राष्ट्रपति किसी भी देश के साथ अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतों पर हस्ताक्षर करने और उन्हें स्वीकार करने के लिए पूर्णतः अधिकृत होता है, किंतु ऐसी सभी अंतरराष्ट्रीय संधियाँ और समझौते स्वतः ही भारत के घरेलू कानून बन जाते हैं और उनके क्रियान्वयन के लिए संसद द्वारा किसी भी विधि का निर्माण करना आवश्यक नहीं होता है।
3. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा के समय राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वह मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करने के लिए आदेश जारी कर सकता है, किंतु अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करने का ऐसा कोई भी आदेश राष्ट्रपति द्वारा कभी भी जारी नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संयुक्त अधिवेशन किस अनुच्छेद में है?
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भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी और प्रशासनिक संबंधों तथा 'अंतर-राज्यीय परिषद्' (अनुच्छेद 263) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और यह एक स्थायी निकाय है, जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करना, उन पर सलाह देना तथा ऐसे विषयों पर चर्चा करना है जिनमें केंद्र और राज्यों अथवा दो या अधिक राज्यों के समान हित हों।
2. सरकारीिया आयोग (Sarkaria Commission) की संस्तुतियों के आधार पर वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से गठित अंतर-राज्यीय परिषद् के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, और इसके सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्यमंत्री (जहाँ विधानसभाएँ हैं) तथा राष्ट्रपति द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कैबिनेट स्तर के मंत्री शामिल होते हैं।
3. अनुच्छेद 263 के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् द्वारा दी गई प्रत्येक संस्तुति या निर्णय केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों पर वैधानिक रूप से पूर्णतः बाध्यकारी (Binding) होते हैं, ताकि संघवाद की भावना को सुदृढ़ किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को संविधान में समाविष्ट करने की संस्तुति सरदार स्वर्ण सिंह समिति द्वारा की गई थी, जिसने अपनी सिफारिश में आठ मूल कर्तव्यों को जोड़े जाने तथा उनके उल्लंघन या अवहेलना पर संसद द्वारा दंड या शास्ति (Penalty) का उपबंध करने वाली विधियाँ बनाने का सुझाव दिया था।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IV-क के अनुच्छेद 51-क में कुल 10 मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया था, जिनमें यह प्रावधान भी शामिल था कि करों का समय पर भुगतान करना और अपनी संपत्ति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा।
3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से छह से चौदह वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षकों के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करने से संबंधित 11वें मूल कर्तव्य को जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में सभी 11 मूल कर्तव्य प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) हैं, अर्थात् इनके उल्लंघन पर न्यायालय द्वारा सीधे दंडित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) रिट का शाब्दिक अर्थ क्या है?
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