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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और लैंगिक समानता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' तथा समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप और मस्तिष्क के 'इंसुला' (Insula), 'ेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex), तथा 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक पूर्वाग्रह प्रसंस्करण, नैतिक दुविधा समाधान (Moral Dilemma Resolution), और सहानुभूति-आधारित न्याय निर्णय की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक विकास के देखभाल और उत्तरदायित्व मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों और उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-जेंडर सेंसिटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Gender Sensitivity Optimized Pedagogy) तथा विद्यार्थियों में लैंगिक रूढ़िवादिता निवारण, समान सहभागिता और समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के उच्च-स्तरीय बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत 'समावेशी शिक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता तथा नैतिक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण पर आधारित है। लॉरेंस कोहलवर्ग के न्याय-उन्मुख नैतिक विकास और कैरल गिलगन के देखभाल-उन्मुख नैतिक दृष्टिकोण का संबंध मस्तिष्क के इंसुला, वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC) और एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स (ACC) से जुड़ा है, जो सामाजिक न्याय, सहानुभूति और पूर्वाग्रह नियंत्रण को नियंत्रित करते हैं। 'न्यूरो-जेंडर सेंसिटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के माध्यम से कक्षा में लैंगिक रूढ़िवादिता को कम किया जा सकता है और बच्चों में समग्र संवेगात्मक व संज्ञानात्मक दक्षता का संवर्धन किया जा सकता है। अतः विकल्प (b) पूर्णतः सत्य और सर्वाधिक उपयुक्त है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क हवाओं को क्या कहा जाता है, तथा इनकी उत्पत्ति का मुख्य कारण निम्नलिखित में से कौन सा है?
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उत्तर प्रदेश की पुरातात्विक स्थलों और प्राचीन महाजनपदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अहिच्छत्र - वर्तमान बरेली जिला, जो प्राचीन पांचाल महाजनपद की उत्तरी राजधानी था और जहाँ से चित्रित धूसर मृद्भांड (Painted Grey Ware) के साक्ष्य मिले हैं।
2. कौशाम्बी - वर्तमान प्रयागराज के समीप यमुना नदी के तट पर स्थित, जो वत्स महाजनपद की राजधानी थी और जहाँ प्रसिद्ध घोषाराम विहार स्थित था।
3. कांपिल्य - वर्तमान फर्रुखाबाद जिला, जो प्राचीन पांचाल महाजनपद की दक्षिणी राजधानी थी और जिसका उल्लेख महाभारत काल में द्रुपद की राजधानी के रूप में मिलता है।
4. कुशीनगर - वर्तमान देवरिया जिला, जो प्राचीन मल्ल महाजनपद की राजधानी था और जहाँ भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, राज्य की पहली तापीय ऊर्जा परियोजना (Thermal Power Project) 'हरदुवागंज ताप विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) की स्थापना किस जिले में की गई थी और यह किस वर्ष से कार्यरत है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और व्यक्तिगत भिन्नताओं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: कंक्रीट एक्सपीरियंस, रिफ्लेक्टिव ऑब्जरवेशन, एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन, और एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी एकीकरण, चिंतनशील विश्लेषण, और मोटर योजना की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंशियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक चक्र के पूर्ण उपयोग, अनुकूलित शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय दर्शन प्रणालियों, उनके प्रणेताओं और मूल सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. न्याय दर्शन - महर्षि गौतम (तर्क, प्रमाण और प्रत्यक्ष-अनुमान आधारित यथार्थवादी ज्ञान)
2. वैशेषिक दर्शन - महर्षि कणाद (परमाणुवाद और पदार्थों के षड्धर्मों का सिद्धांत)
3. सांख्य दर्शन - महर्षि पतंजलि (पुरुष और प्रकृति के संयोग से सृष्टि की उत्पत्ति और योग का प्रतिपादन)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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