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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण और स्थानिक-तार्किक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा बार्कले और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'डीेंट्रेशन और कार्यकारी स्मृति मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कंक्रीट-ऑपरेशनल और खोज-आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक विचार, उत्क्रमणीयता (Reversibility) व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चों में संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification), और उत्क्रमणीयता (Reversibility) जैसे तार्किक कौशल विकसित होते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, मस्तिष्क का पैरिएटल लोब (स्थानिक और संख्यात्मक प्रसंस्करण) और हिप्पोकैम्पस (स्मृति और संदर्भ एकीकरण) तथा प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स कार्यकारी कार्यों को सुगम बनाते हैं। अतः विकल्प (ए) इस न्यूरो-शैक्षणिक संदर्भ में सर्वाधिक सटीक और सत्य है।
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