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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के अंतर्गत 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) और 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल जंक्शन' के बीच स्थानिक-दृश्य प्रसंस्करण (Visuospatial Processing), तार्किक कार्यशील स्मृति और मानसिक संचालन की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD: Zone of Proximal Development) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, गतिविधि-आधारित शिक्षाशास्त्र (Activity-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त अनुभवों से अमूर्त तार्किकता, समस्या-समाधान कौशल व संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में बालक तार्किक रूप से सोचने में सक्षम होते हैं, जिनमें संरक्षण, वर्गीकरण और विकेंद्रीकरण जैसे गुण विकसित होते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह अवस्था पैरिएटल लोब (स्थानिक और तार्किक प्रसंस्करण के लिए) और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (कार्यकारी कार्य और निर्णय लेने के लिए) के बीच की सक्रियता से जुड़ी है। जब इसे लेव वाइगोत्स्की के समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) के साथ जोड़ा जाता है, तो शिक्षक बच्चों को मूर्त वस्तुओं और गतिविधियों के माध्यम से उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल प्राप्त करने में प्रभावी सहायता प्रदान कर सकते हैं।
Related Questions
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता और उसका संरक्षण' (Biodiversity and its Conservation) तथा उससे संबंधित प्रमुख अवधारणाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'इन-सिटू' या स्व-स्थाने संरक्षण (In-situ Conservation) वह संरक्षण विधि है जिसमें पादपों और जंतुओं की प्रजातियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवासों (जैसे राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, और बायोस्फीयर रिजर्व) के भीतर ही किया जाता है।
2. 'एक्स-सिटू' या बाह्य-स्थाने संरक्षण (Ex-situ Conservation) के अंतर्गत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर लाकर विशेष रूप से संरक्षित और नियंत्रित वातावरण में रखा जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण वनस्पति उद्यान (Botanical Gardens), चिड़ियाघर (Zoos) और जीन बैंक (Gene Banks) हैं।
3. 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की संकल्पना का प्रतिपादन सबसे पहले नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए वहाँ कम से कम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियों का होना तथा उस क्षेत्र की मूल वनस्पति का कम से कम 70 प्रतिशत भाग नष्ट हो चुका होना आवश्यक शर्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और अपवाह तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी नदी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव और सर्पीले (Meandering) मार्ग के निर्माण के लिए कुख्यात है, जिसे स्थानीय भाषा में 'नदी के मार्ग बदलने' की प्रवृत्ति के कारण उत्तर प्रदेश का 'शोक' या पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यधिक परिवर्तनशील नदी भी माना जाता है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम और जैव-भू-रासायनिक चक्र (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नाइट्रोजन चक्र' के अंतर्गत वायुमंडल की स्वतंत्र नाइट्रोजन गैस का पौधों द्वारा सीधे उपयोग नहीं किया जा सकता, इसलिए राइजोबियम जैसे जीवाणु इसका स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करते हैं, और अमोनीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से अमोनिया का नाइट्रेट्स में परिवर्तन नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे जीवाणुओं द्वारा किया जाता है।
2. 'कार्बन चक्र' में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को कम करती है, जबकि श्वसन, जीवाश्म ईंधनों का दहन और वनों की कटाई वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बढ़ाते हैं।
3. 'फास्फोरस चक्र' एक गैसीय चक्र (Gaseous Cycle) का उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि फास्फोरस का मुख्य भंडार वायुमंडल होता है और यह चक्र वायुमंडलीय परिसंचरण के माध्यम से ही संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र में संचालित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों द्वारा जैवभार के रूप में संचित किया जाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा का ह्रास श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं के दौरान हो जाता है।
2. 'जैव आवर्धन' (Biomagnification) और 'जैविक संचयन' (Bioaccumulation) दोनों एक ही प्रक्रिया को दर्शाते हैं, जिसमें किसी भी पर्यावरण में प्रदूषकों या विषैले पदार्थों (जैसे पारा या डीडीटी) की सांद्रता खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक निचले स्तर पर घटती जाती है।
3. वायुमंडल की ओज़ोन परत समताप मंडल (Stratosphere) के ऊपरी हिस्से में पाई जाती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है, और इसकी मोटाई को मापने की इकाई 'डॉब्सन यूनिट' (Dobson Unit) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत, आचार्य भरत मुनि द्वारा अपने ग्रंथ 'नाट्यशास्त्र' में प्रतिपादित 'रस सूत्र' ('विभावानुभावव्यभिचारीसंयोगाद्रसनिष्पत्तिः') के प्रमुख व्याख्याकारों में से किसने 'भुक्तवाद' (भोगवाद) का सिद्धांत प्रतिपादित किया था, जिसके अनुसार दर्शक नाटक में प्रस्तुत भावों का प्रत्यक्ष आनंद या भोग करते हैं?
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