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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और metacognition (अधि-संज्ञानात्मक्ता)' के संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक ज्ञान और विनियमन' (Metacognitive Knowledge and Regulation) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'इंसुला' (Insula) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि पहचान (Error Detection) और संज्ञानात्मक नियंत्रण (Cognitive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड ब्राउन (Ann L. Brown) द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक रणनीतियों के कार्यकारी प्रबंधन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्व-नियामक अधिगम (Self-Regulated Learning - SRL) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, स्वायत्त समस्या-समाधान व चिंतन कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में जॉन फ्लैवेल और एन ब्राउन द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक्ता' (Metacognition) और 'स्व-नियामक अधिगम' (Self-Regulated Learning - SRL) के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार का परीक्षण किया गया है। मस्तिष्क का 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (dlPFC) योजना बनाने, कार्यकारी नियंत्रण और निर्णय लेने के लिए उत्तरदायी है, जबकि 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) त्रुटि पहचान और संघर्ष निगरानी (conflict monitoring) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये न्यूरोलॉजिकल तंत्र विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को समझने, मॉनिटर करने और आवश्यकतानुसार अपनी शिक्षण रणनीतियों को बदलने (अधि-संज्ञानात्मक विनियमन) में सहायता करते हैं, जो समावेशी और समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र का एक प्रमुख हिस्सा है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: प्रतीकात्मक कार्य, अहंकेन्द्रितता और संरक्षण की अनुपस्थिति) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला और एमिग्डाला' (Insula & Amygdala - संवेगात्मक अहंकेन्द्रितता और सामाजिक अनुभूति), 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - प्रतीकात्मक भाषा और आत्मकेंद्रित वाक्), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - बिना तार्किक संगठन के अनगढ़ स्मृतियों का भंडारण) के बीच सिनेप्टिक अति-उत्तेजना (Synaptic Hyper-connectivity), अपरिपक्व प्रीफ्रंटल इनहिबिशन, और कॉर्टिकल नेटवर्क्स के बीच अपर्याप्त एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'निजी वाक्' (Private Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Preoperational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), प्रतीकात्मक खेल आधारित अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और खनिज संपदा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) की चट्टानें प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा हैं, जहाँ 'डायमंड' (हीरा) का मुख्य भंडार बांदा जिले की मझगवां खान और मिर्जापुर क्षेत्र से प्राप्त होता है।
2. उत्तर प्रदेश में 'नमक' (Salt) का उत्पादन मुख्य रूप से तराई क्षेत्रों और बलिया जिले की नमकीन झीलों से वाणिज्यिक स्तर पर बड़े पैमाने पर किया जाता है, जिसके लिए सरकार ने विशेष कारखाने स्थापित किए हैं।
3. राज्य में 'चाइना क्ले' (China Clay) या चीनी मिट्टी का प्रमुख भंडार सोनभद्र और बांदा जिलों में पाया जाता है, जो सिरेमिक्स और बर्तन उद्योग के लिए उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) से ग्रसित बालकों की पहचान एवं उनके शिक्षण के संदर्भ में, 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) से पीड़ित छात्र की मुख्य विशेषता और उसके निवारण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शैक्षणिक रणनीति निम्नलिखित में से कौन सी है?
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों तथा उनके मुख्य भौगोलिक विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. भोजपुरी (Bhojpuri) - बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, गोरखपुर और देवरिया (यह बिहार की सीमा से लगे जिलों में प्रमुखता से बोली जाती है और इसका उद्गम शौरसेनी अपभ्रंश से माना जाता है)
2. अवधी (Awadhi) - लखनऊ, अयोध्या, सीतापुर, रायबरेली, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ (यह मध्य उत्तर प्रदेश का क्षेत्र है जिसका विकास अर्द्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है)
3. ब्रजभाषा (Brajbhasha) - आगरा, मथुरा, अलीगढ़, एटा और हाथरस (यह क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित है जहाँ सूरदास और बिहारी ने अपनी रचनाएँ लिखीं)
4. बुंदेली (Bundeli) - झाँसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर और बाँदा (यह दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश का पठारी क्षेत्र है जहाँ अर्धमागधी अपभ्रंश का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जाता है)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, भौगोलिक एवं आर्थिक संदर्भ में 'राज्य की सीमावर्ती रेखाओं और प्रमुख संस्थाओं' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य की सीमाएं कुल 8 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) से मिलती हैं, तथा इसकी सबसे लंबी सीमा मध्य प्रदेश राज्य के साथ स्पर्श करती है, जबकि सबसे छोटी सीमा केवल एक राज्य हिमाचल प्रदेश के साथ लगती है।
2. उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला देश का एकमात्र ऐसा जिला है जिसकी सीमाएं चार राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार) को स्पर्श करती हैं, जो इसके रणनीतिक भौगोलिक महत्व को दर्शाता है।
3. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्थित 'भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान' (CSIR-IITR) और 'केंद्रीय औषधी अनुसंधान संस्थान' (CDRI) स्थित हैं, जबकि 'नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट' (NBRI) का मुख्यालय कानपुर नगर में अवस्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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